Saharsa Murder Case: सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के मनोरी गांव में 35 वर्षीय रूपेश कुमार की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्या में शामिल पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार यह हत्या प्रेम प्रसंग के कारण की गई थी. गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक पोखर से मृतक का क्षतिग्रस्त मोबाइल भी बरामद किया गया है.
एसआईटी के अनुसंधान में हुआ खुलासा
रविवार को सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने प्रेसवार्ता में बताया कि 10 जुलाई को मनोरी गांव निवासी स्व. जुगेश्वर साह के पुत्र रूपेश कुमार का शव उनके घर के दरवाजे के पास स्थित गोशाला के समीप मिला था. मामले में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर मामले का सफल उद्भेदन किया.
पति-पत्नी ने कबूला हत्या का जुर्म
Saharsa Murder Case: पुलिस ने गांव के ही स्व. परमेश्वरी साह के पुत्र अशोक साह उर्फ कैला एवं उसकी पत्नी वीणा देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. पुलिस के अनुसार दोनों की निशानदेही पर गांव से करीब एक किलोमीटर पूर्व बहियार स्थित पोखर से मृतक का क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद किया गया. दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
10 जुलाई को मिला था रूपेश का शव
एसडीपीओ ने बताया कि रूपेश कुमार 10 जुलाई की रात सलखुआ थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव स्थित अपनी बहन के घर आयोजित एक पारिवारिक समारोह में शामिल होकर देर रात किराये की गाड़ी से वापस अपने गांव लौटे थे. अगले दिन सुबह उनका शव घर के बाहर गोशाला के पास पड़ा मिला. प्रारंभिक जांच में गर्दन और चेहरे पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था.
एसआईटी ने निभाई अहम भूमिका
इस मामले के खुलासे में गठित एसआईटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही. टीम में पुलिस निरीक्षक सह सोनवर्षा राज थानाध्यक्ष नागमणि कुमार, पुअनि विवेक कुमार, पुअनि राजा कुमार, पुअनि राकेश कुमार शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे. पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच पूरी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
