प्रिंस यादव को आज रात दी जाएगी अंतिम विदाई, सहरसा में जुटी भीड़, रौशन आनंद ने उठाई CBI जांच की मांग

Prince Anand Last Rites: प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार आज रात सहरसा में किया जाएगा. इससे पहले रौशन आनंद सहरसा पहुंचे और भावुक होकर अपने भाई को याद किया. उन्होंने छात्रों से इंसाफ की मांग की, देशभर के शिक्षकों का आभार जताया और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई.

Prince Anand Last Rites: प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार आज रात किया जाएगा. इस बीच रौशन आनंद सहरसा पहुंच गए हैं. सहरसा में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद हैं. माहौल काफी भावुक बना हुआ है. सहरसा पहुंचने के बाद रौशन आनंद ने कहा कि उनका सब कुछ उजड़ गया है. उन्होंने कहा कि जब उन्हें जेल भेजा जा रहा था, तब भी उन्होंने कहा था कि ज्ञान बिंदु को बर्बाद करने की साजिश की जा रही है.

सब कुछ खत्म कर दिया- रौशन आनंद

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई प्रिंस की हत्या कर सब कुछ खत्म कर दिया गया. उन्होंने कहा कि उनके जीवन का सबसे अनमोल रतन उनसे छिन गया है. रौशन आनंद ने मौजूद छात्रों से कहा कि अब उन्हें इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी छात्रों और समाज के लोगों को उठानी होगी. उन्होंने कहा कि आज जो लोग उनके साथ खड़े हैं, वह जीवनभर उनके आभारी रहेंगे.

देशभर के शिक्षकों का जताया आभार

रौशन आनंद ने कहा कि सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के शिक्षक इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं. उन्होंने सभी शिक्षकों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया. रौशन आनंद ने बताया कि उनके भाई प्रिंस को दिन की तुलना में रात अधिक पसंद थी. इसी वजह से परिवार ने फैसला लिया है कि उनका अंतिम संस्कार आज रात में किया जाएगा.

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सीबीआई जांच की मांग दोहराई

रोशन आनंद ने एक बार फिर प्रिंस की मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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