उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसबन्नी स्कूल को डिग्री कॉलेज की मिली मान्यता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय 3 योजना के तहत प्रखंडों में नये डिग्री कॉलेज खोलने का जो वादा किया गया था, अब वह पूरा हो होता प्रतीत हो रहा है.
By Dipankar Shriwastaw | Updated at :
सत्र 2026 से कला और वाणिज्य की पढ़ाई भी प्रारंभ होगी, प्रखंड के ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त
बनमा ईटहरी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय 3 योजना के तहत प्रखंडों में नये डिग्री कॉलेज खोलने का जो वादा किया गया था, अब वह पूरा हो होता प्रतीत हो रहा है. जहां अब तक उच्च शिक्षा का कोई साधन मौजूद नहीं था, अब वह सपना साकार होता दिख रहा है. सबसे खास बात यह है कि सरकार ने इन कॉलेजों में इसी साल जुलाई 2026 से स्नातक की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा है. उच्च शिक्षा विभाग इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. सरकार के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा. इधर उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य अंतर्गत जमाल नगर पंचायत के उच्च माध्यमिक विद्यालय परसबन्नी को महाविद्यालय बनाने की कवायद तेज हो गयी है. स्थानीय विधायक रत्नेश सादा की पहल पर पतरघट व बनमा ईटहरी में डिग्री कॉलेज प्रारंभ करने की मांग बहुत पहले से हो रही थी. इधर अब डिग्री कॉलेज प्रारंभ होने से स्थानीय छात्रों में खुशी व्याप्त है. उच्च माध्यमिक विद्यालय परसबन्नी में वर्तमान स्थिति में आधुनिक सुविधाओं से लैस हाल के दिनों में भवन निर्माण कराया गया था. इस स्कूल में 16 कमरे, प्रधानाचार्य कार्यालय, प्रशासनिक कार्यालय, स्टाफ ऑफिस के साथ-साथ आठ सुविधा अनुसार शौचालय का निर्माण किया गया है.
उच्च माध्यमिक विद्यालय में नौ शिक्षक-शिक्षिकाएं
यह विद्यालय 4 एकड़ 72 डिसमिल में फैला हुआ है. परिसर में कई भवन जर्जर है. जिसे मरम्मत की सख्त आवश्यकता है. डिग्री महाविद्यालय प्रारंभ के बाद इनकी कार्यक्षेत्र बढ़ने वाली है. इस विद्यालय में 9वीं, 10वीं, 11वीं व 12वीं में गणित के शिक्षक रोशन कुमार, हिंदी के मिथिलेश कुमार, रसायन विज्ञान की शिखा कुमारी, संगीत की सुनीता कुमारी, भूगोल के आलोक कुमार तिवारी, कंप्यूटर के मनेंद्र मोहन, उर्दू के मो इम्तियाज आलम, इतिहास के संजीव कुमार व सामाजिक विज्ञान के शिक्षक रंजीत कुमार शामिल हैं.
सत्र 2026 से कला और वाणिज्य के लिए नामांकन
इस विद्यालय को अब डिग्री की मान्यता मिल रही है. सत्र 2026-2028 में कला और वाणिज्य विषयों की पढ़ाई होगी. जिसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और भाषाएं मुख्य हैं. जो मानविकी और संस्कृति पर केंद्रित हैं. वाणिज्य में अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और गणित शामिल हैं, जो व्यवसाय, वित्त और व्यापार का ज्ञान देते हैं. इसके साथ-साथ गृह विज्ञान और संगीत में भी छात्र-छात्राएं दाखिला ले सकते हैं.
डिग्री कॉलेज के लिए आवश्यक प्रमुख भवन और सुविधाएं
इस महाविद्यालय में अब प्रमुख भवनों में पर्याप्त कक्षाएं, प्रशासनिक ब्लॉक (प्रधानाचार्य कक्ष, कार्यालय), सुसज्जित प्रयोगशालाएं (विज्ञान विषयों के लिए), समृद्ध पुस्तकालय एवं वाचनालय, कंप्यूटर लैब, स्टाफ रूम, छात्र-छात्राओं के लिए अलग कॉमन रूम, और स्वच्छ शौचालय शामिल हैं. इसके अलावा, रैंप/विकलांग-अनुकूल ढांचा, पेयजल, और बिजली की समुचित व्यवस्था अनिवार्य है. विधायक रत्नेश सादा ने बताया कि डिग्री कॉलेज प्रारंभ होने से यहां के बच्चे उच्च शिक्षा आसानी से ग्रहण कर सकेंगे. अब छात्रों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. कोसी क्षेत्र के तीन जिलों में 16 नये डिग्री महाविद्यालय की स्वीकृति मिली है. उन्होंने इस कार्य के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया है. इस संबंध में प्रधानाध्यापक संजय कुमार राम ने कहा कि यह हमारे महाविद्यालय परिवार के लिए गौरव का क्षण है. निश्चित रूप से इस प्रखंड के बच्चे-बच्चियां अब 12वीं पास के बाद इसी महाविद्यालय में कला और वाणिज्य की भी नामांकन ले पढ़ाई कर सकतीं है. उन्होंने कहा डिग्री के लिए सभी कागजी प्रकिया पूरी की जा रही है. मुखिया रीता देवी ने भी इस फैसले का स्वागत करते कहा कि इस प्रखंड में डिग्री महाविद्यालय की सख्त आवश्यकता थी.