सहरसा, जिले में मानवता की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने साबित कर दिया कि सेवा की भावना के आगे दूरी कोई मायने नहीं रखती. श्री शंकर बाबू स्मृति सेवा फाउंडेशन के प्रयास से एक 42 वर्षीय महिला को समय पर अत्यंत दुर्लभ रक्त ए निगेटिव ब्लड उपलब्ध कराकर मौत के मुंह से बाहर निकाला गया. जानकारी के अनुसार, जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती 42 वर्षीय बेबी देवी की हालत अत्यंत गंभीर थी. उन्हें ए नेगेटिव रक्त की तत्काल आवश्यकता थी, जो काफी दुर्लभ माना जाता है. रक्त नहीं मिलने के कारण वह जिंदगी एवं मौत के बीच जूझ रही थी. उनके पुत्र राहुल कुमार झा ने परेशान होकर इस संकट की जानकारी श्री शंकर बाबू स्मृति सेवा फाउंडेशन की टीम को दी. फाउंडेशन के निदेशक गणेश कुमार भगत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सक्रियता दिखाई. जिले में इस ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं होने पर टीम ने पटना में मौजूद एक रक्तदाता से संपर्क किया. बिना समय गंवाए रक्तदाता को पटना से सहरसा के लिए रवाना किया गया. सहरसा सदर अस्पताल स्थित रक्त केंद्र में सफल रक्तदान के बाद मरीज को रक्त चढ़ाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी. मरीज के पुत्र राहुल कुमार झा ने भावुक होते फाउंडेशन के सक्रिय सदस्यों अविनाश कुमार झा, प्रदीप कुमार प्रेम, गणेश कुमार भगत, आशीष कुमार, हरी भूषण कुमार का आभार व्यक्त किया. राहुल ने कहा कि आज सभी के निस्वार्थ प्रयासों की बदौलत ही उनकी मां को नया जीवन मिला है. आप लोग उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं. संस्था के निदेशक ने अपील की कि अगर आसपास कोई भी मरीज रक्त के अभाव में भटक रहा हो, तो वे फाउंडेशन के हेल्पलाइन नंबर मदद के लिए 7631215199, 9472215602 पर संपर्क कर सकते हैं. श्री शंकर बाबू स्मृति सेवा फाउंडेशन ने संकल्प दोहराया कि मरीजों की जान बचाने के लिए उनकी टीम सदैव तत्पर रहेगी.
ए नेगेटिव ब्लड देने पटना से सहरसा पहुंचा युवक, महिला को मिला जीवनदान
जिले में मानवता की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने साबित कर दिया कि सेवा की भावना के आगे दूरी कोई मायने नहीं रखती.
