सत्संग में आने वाले ही परमात्मा की कृपा के पात्र बनते हैं

सत्संग में आने वाले ही परमात्मा की कृपा के पात्र बनते हैं

पतरघट . गोलमा पूर्वी पंचायत स्थित सखौरी बस्ती में शनिवार को बैद्यनाथ यादव की अध्यक्षता व प्रो रमेश कुमार के संचालन में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग समारोह का साधु संतों की उपस्थिति में भव्य समापन किया गया. प्रख्यात संत स्वामी निर्मल बाबा महाराज ने इस दौरान सत्संग की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग में आने वाले ही परमात्मा की कृपा के पात्र बनते हैं. उन्होंने कहा कि सत्संग से ही वह ज्ञान प्राप्त होता है. जिससे मनुष्य संसार के दुखों से मुक्त होकर अनंत आनंद को प्राप्त कर सकतें हैं. स्वामी जी ने कहा कि सत्संग-भजन करने वाले को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है और इसके लिए सच्चे सदगुरू की शरण में जाकर उनके बताए मार्ग पर सबकों चलना चाहिए. उन्होंने बताया कि परमात्मा की प्राप्ति बाहर नहीं, बल्कि अपने भीतर होती है. जिसके लिए गुरु की युक्ति लेकर निरंतर भक्ति करना आवश्यक है. वहीं रेशमलाल बाबा ने प्रवचन में कहा कि सत्संग मनुष्य को मौत के भय से बचाता है . मानव शरीर को नईं ऊर्जा देता है. इसलिए प्रत्येक मनुष्य को सत्संग अवश्य करना चाहिए तथा सत्संग में जाकर सत्संग सुनना चाहिए. ताकि सभी प्रकार के सुख तथा जीवन का परम लक्ष्य मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है. उन्होंने मानव शरीर की सार्थकता को समझते हुए साधन-भजन में मन लगाने की प्रेरणा दिए. सत्संग में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अध्यात्म की गंगा में डुबकी लगायी. आयोजित कार्यक्रम में आध्यात्मिक भजनों की सुमधुर प्रस्तुति पेश किया गया. नूनूलाल के गाये भजनों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया. आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीण आनंद कुमार, कल्याण कुमार रूपेश कुमार सहित अन्य काफी सक्रिय रहे.

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By Dipankar Shriwastaw

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