02 मार्च की देर रात्रि के बाद लेकिन सूर्योदय से पहले होगा होलिका दहन सहरसा. ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान व फाउंडेशन डॉ रहमान चौक सहरसा के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया है कि मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार इस बार व्रत की पूर्णिमा व होलिका दहन 02 मार्च सोमवार की देर रात्रि व 03 मार्च को सूर्योदय से पहले होलिका दहन करना सर्वश्रेष्ठ होगा. धर्मशास्त्र में भद्रा क़े मुखकाल में शुभ कार्य वर्जित बताये गये हैं. कुलदेवता क़ो सिंदूरार्पण एवं पातरिदान 03 मार्च मंगलवार के दिन ही होगा तथा स्न्नान दान की पूर्णिमा भी इसी दिन होगी. 03 मार्च क़ो ही खग्रास चंद्रग्रहण संध्या बेला में 05.50 से 06.46 तक रहेगा. भारत में इसका मोक्ष संध्या 06.47 में होगा एवं 04 मार्च बुधवार को होली मनायी जायेगी. साथ ही होलिकाभस्म धारण, सचैलस्न्नानम सप्ताडोरा बंधन इत्यादि भी बुधवार 04 मार्च क़ो ही संपन्न होंगे.
चार मार्च को होगा रंगों का त्योहार होली : पंडित तरूण झा
चार मार्च को होगा रंगों का त्योहार होली : पंडित तरूण झा
