नप प्रशासन ने जल जीवन हरियाली अभियान को प्रभावी ढंग से लागू कर एक नया मॉडल किया प्रस्तुत

प्रभावी ढंग से लागू कर एक नया मॉडल किया प्रस्तुत

8.50 लाख की लागत से जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए 10 सार्वजनिक कुओं का कराया जीर्णोद्धार सिमरी बख्तियारपुर . जलवायु परिवर्तन और बढ़ते जल संकट के बीच सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद ने जल जीवन हरियाली अभियान को प्रभावी ढंग से लागू कर एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है. प्रशासनिक पहल, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और सुनियोजित कार्ययोजना के बल पर नगर परिषद ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. यह पहल अब अन्य नगर निकायों के लिए भी मार्गदर्शक बनती जा रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर परिषद द्वारा जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए 10 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार कराया गया. वहीं सार्वजनिक चापाकलों के समीप करीब 350 सोख्ता का निर्माण कराया गया, जिस पर लगभग 50 लाख रुपये की लागत आयी. इसके अतिरिक्त तीन सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग के तहत सोख पिट का निर्माण कराया गया. नगर परिषद की इस पहल से वर्षा जल का संरक्षण हो रहा है तथा भूजल स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल रही है. साथ ही जलभराव और गंदगी की समस्या में भी कमी आयी है. उपेक्षित पड़े पारंपरिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित कर उन्हें जल संचयन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. नगर परिषद ने निजी भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने वाले नागरिकों को होल्डिंग टैक्स में विशेष छूट देने की घोषणा की है. इस निर्णय से आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ी है और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप मिल रहा है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व है. योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए नगर परिषद ने इसे प्राथमिकता दी है. भविष्य में और अधिक सरकारी एवं निजी भवनों में वर्षा जल संचयन अनिवार्य करने की दिशा में पहल की जायेगी. सभापति प्रतिनिधि हस्सान आलम ने कहा कि नगर परिषद का लक्ष्य सिमरी बख्तियारपुर को जल संरक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है. वहीं उपसभापति प्रतिनिधि सह वार्ड पार्षद विकास कुमार विक्की ने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है. स्थानीय नागरिकों ने भी इस अभियान की सराहना की है. जल संरक्षण की दिशा में सिमरी बख्तियारपुर का यह माॅडल अब बिहार के अन्य नगर निकायों के लिए प्रेरणास्रोत बनता दिख रहा है.

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By Dipankar Shriwastaw

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