Nasha Mukt Koshi Abhiyan: कोशी में नशे के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. सहरसा, सुपौल और मधेपुरा में चल रहे 'नशा मुक्त कोशी' अभियान के तहत महज दो सप्ताह में 110 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इस दौरान 3409.015 लीटर अवैध शराब के साथ 363.06 किलोग्राम गांजा, 375.08 ग्राम स्मैक, नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप भी बरामद किये गये हैं.
सबसे अहम बात यह है कि इस अभियान में पुलिस को सिर्फ गश्ती और छापेमारी से ही सफलता नहीं मिल रही, बल्कि आम लोगों से मिलने वाली सूचनाएं भी तस्करों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा रही हैं. पुलिस की हेल्पलाइन पर मिलने वाली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है.
14 दिन में 110 आरोपित पहुंचे जेल
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 8 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान अवैध शराब के कारोबार से जुड़े 81 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया. वहीं सूखा नशा से जुड़े मामलों में 29 आरोपित पकड़े गये.
कार्रवाई के दौरान 3409.015 लीटर अवैध शराब जब्त की गयी. इसके अलावा 363.06 किलोग्राम गांजा, 375.08 ग्राम स्मैक, 274 एमएल नशीला इंजेक्शन और 44.7 लीटर कफ सिरप भी पुलिस के हाथ लगा.
यानी दो सप्ताह के भीतर पुलिस ने सिर्फ शराब ही नहीं, बल्कि नशे के अलग-अलग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है.
शराब के साथ वाहन और नकदी भी जब्त
नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई अन्य सामान भी जब्त किये. इनमें पांच कारतूस, 33 मोटरसाइकिल, दो तीनपहिया वाहन और पांच चारपहिया वाहन शामिल हैं.
इसके अलावा 15 मोबाइल फोन और करीब 2.81 लाख रुपये नकद भी जब्त किये गये हैं. मोबाइल और नकदी की बरामदगी को नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
फरवरी से अभियान, अब तक 1748 तस्कर गिरफ्तार
'नशा मुक्त कोशी' अभियान की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 61,287.505 लीटर अवैध शराब बरामद की जा चुकी है.
इसी अवधि में 2429.47 लीटर अवैध कफ सिरप, 5233.206 किलोग्राम गांजा, 7125.872 ग्राम स्मैक, 9098 एमएल नशीला इंजेक्शन और 325 नशीली गोलियां भी जब्त की गयी हैं.
नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई का दायरा सिर्फ मादक पदार्थों तक सीमित नहीं रहा. पुलिस ने दो विदेशी पिस्टल, पांच देशी कट्टा, एक देशी मस्केट, तीन मैगजीन और 26 कारतूस भी बरामद किये हैं.
इसके अलावा 54 मोबाइल फोन, 18 चारपहिया वाहन, एक ट्रक, एक नाव, एक पासबुक, एक एटीएम कार्ड, एक लोहे की भट्ठी और चार इलेक्ट्रिक तराजू जब्त किये गये हैं. अभियान के दौरान अब तक 1748 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
हेल्पलाइन बनी पुलिस की बड़ी ताकत
कोशी में नशे के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने आम लोगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बनाया है. पुलिस उप-महानिरीक्षक, कोशी क्षेत्र, सहरसा के कार्यालय की ओर से हेल्पलाइन नंबर 9060384865 जारी किया गया है.
पुलिस के अनुसार इस नंबर पर नशे के कारोबार से जुड़ी सूचना कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से दी जा सकती है. सूचना देने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर और पहचान गोपनीय रखे जाने की बात पुलिस ने कही है.
लोग तस्कर का नाम, पता, कारोबार का स्थान और उपलब्ध होने पर फोटो या वीडियो भी साझा कर सकते हैं. इस व्यवस्था से उन इलाकों तक पुलिस की पहुंच आसान हो सकती है, जहां नशे का कारोबार चोरी-छिपे चलाया जा रहा है.
सूचना सही निकली तो मिलेगा इनाम
पुलिस ने आम लोगों को सिर्फ सूचना देने की अपील ही नहीं की है, बल्कि महत्वपूर्ण सूचना देने वालों को पुरस्कृत करने की बात भी कही है.
पुलिस उप-महानिरीक्षक, कोशी क्षेत्र, सहरसा की ओर से कहा गया है कि जिस सूचना के आधार पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होगी, उस सूचना देने वाले व्यक्ति को यथोचित रूप से पुरस्कृत किया जायेगा.
इस पहल का उद्देश्य नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को सरकारी कार्रवाई से आगे बढ़ाकर स्थानीय लोगों की भागीदारी से मजबूत करना है.
Nasha Mukt Koshi Abhiyan: तीन जिलों में लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
सहरसा, सुपौल और मधेपुरा में नशे का नेटवर्क अलग-अलग रूपों में सक्रिय रहने की आशंका के बीच पुलिस का यह अभियान स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बड़ी मात्रा में शराब, गांजा और स्मैक की बरामदगी बताती है कि नशे की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई दोनों को लगातार मजबूत करने की जरूरत है.
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 'नशा मुक्त कोशी' अभियान आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा. ऐसे में आने वाले दिनों में हेल्पलाइन से मिलने वाली सूचनाओं, स्थानीय पुलिस की निगरानी और संयुक्त कार्रवाई के आधार पर तस्करों के खिलाफ और कार्रवाई होने की उम्मीद है.
आम लोगों के लिए भी यह अभियान महत्वपूर्ण है, क्योंकि नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है. इसका सीधा असर युवाओं, परिवारों और समाज की सुरक्षा पर पड़ता है. ऐसे में पुलिस और आम लोगों के बीच सूचना का यह तंत्र जितना मजबूत होगा, नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई उतनी ही प्रभावी हो सकती है.
