सहरसा से विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Mahishi Ugratara Temple: महिषी स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां उग्रतारा मंदिर में विग्रह की घेराबंदी को लेकर विवाद तेज हो गया है. घेराबंदी के बाद स्पर्श पूजा पर लगी रोक का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर न्यास के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने न्यास सचिव केशव चौधरी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है.
स्टील रॉड से की गई घेराबंदी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि न्यास सचिव केशव चौधरी ने बिना आम सहमति के स्टील रॉड लगाकर मां उग्रतारा के विग्रह की घेराबंदी करा दी. इसके बाद श्रद्धालुओं की स्पर्श पूजा पर रोक लगा दी गई. ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य देर रात कराया गया और इसकी पूर्व सूचना किसी को नहीं दी गई.
ग्रामीणों ने डीएम से की शिकायत
घटना के बाद ग्रामीणों और युवाओं में नाराजगी बढ़ गई. एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी और हस्तक्षेप की मांग की. बाद में स्थानीय विधायक संजय कुमार सिंह और कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा की मौजूदगी में हुई बैठक में भी लोगों ने न्यास सचिव के निर्णय का विरोध किया.
24 घंटे में मांगा गया विस्तृत स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने जारी पत्र में न्यास सचिव से पूछा है कि किस प्रावधान के तहत विग्रह की घेराबंदी की गई. साथ ही बिना निविदा के कार्यकारी एजेंसी का चयन कैसे हुआ, भुगतान की प्रक्रिया क्या रही और कार्य शुरू करने से पहले न्यास अध्यक्ष की अनुमति क्यों नहीं ली गई.
दस्तावेज भी किए तलब
Mahishi Ugratara Temple: डीएम ने न्यास सचिव को 24 घंटे के भीतर आय-व्यय पंजी सहित घेराबंदी से संबंधित सभी निर्णयों और दस्तावेजों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है.
