सहरसा-मानसी रेलखंड के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की सुबह हटिया-कोसी एक्सप्रेस के एक कोच के ब्रेक पैड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी. ट्रेन के एक कोच के पहिए के पास आग की लपटें और धुआं निकलता देख रेलवे कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला. समय रहते आग पर काबू पा लिये जाने से बड़ा हादसा टल गया. घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है.
पहिए के पास दिखी आग और धुआं
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया कोर्ट से हटिया जा रही ट्रेन संख्या 18625 हटिया-कोसी एक्सप्रेस सुबह करीब 5:30 बजे सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी. इसी दौरान एक कोच के पहिए के पास ब्रेक पैड जलने से आग की लपटें और धुआं निकलता दिखाई दिया.
रेलवे रिपोर्ट के अनुसार एम/2-213815/एसईआर नंबर वाले चेसिस/कोच के पहिए से आग देखी गयी. आग की जानकारी मिलते ही स्टेशन पर मौजूद रेलवे कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी.
छह अग्निशामक यंत्रों से बुझायी गयी आग
आग लगने की सूचना मिलते ही ऑन ड्यूटी आरपीएफ, स्टेशन मैनेजर, गेटमैन समेत अन्य रेलवे कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. इस दौरान छह अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल किया गया. सुरक्षा को देखते हुए आग प्रभावित कोच में सवार यात्रियों को तत्काल बाहर निकालकर दूसरे कोच में शिफ्ट कर दिया गया.
इधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया. करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. इससे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली.
ब्रेक ब्लॉक जाम होने से लगी आग
रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने आग लगने के कारणों की जांच की. प्रारंभिक जांच में ब्रेक ब्लॉक जाम होने की बात सामने आयी. तकनीकी टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया और आवश्यक जांच के बाद ट्रेन को आगे रवाना करने की अनुमति दी.
हटिया-कोसी एक्सप्रेस को सुबह करीब 6:13 बजे सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन से आगे के लिए रवाना किया गया. हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर आग प्रभावित कोच को यात्रियों से खाली रखा गया.
मानसी तक खाली भेजा गया आग प्रभावित कोच
आग प्रभावित कोच को सिमरी बख्तियारपुर से मानसी जंक्शन तक खाली भेजा गया. उसमें सवार सभी यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट कर दिया गया था. सुरक्षा कारणों से यात्रियों को उक्त कोच में दोबारा सवार नहीं कराया गया.
घटना के बाद कुछ देर तक स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा. आग की लपटें और धुआं देखकर यात्रियों में दहशत फैल गयी थी. हालांकि रेलवे कर्मियों की तत्परता से आग पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.
12 दिन पहले पैसेंजर ट्रेन में भी लगी थी आग
सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर ट्रेन में आग लगने की यह घटना करीब 12 दिन के भीतर दूसरी घटना है. इससे पहले समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन में भी आग लग गयी थी. उस घटना में ट्रेन का एक कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गया था.
अब हटिया-कोसी एक्सप्रेस के ब्रेक पैड में आग लगने की घटना के बाद यात्रियों में एक बार फिर दहशत का माहौल देखने को मिला. हालांकि इस बार समय रहते आग पर काबू पा लिये जाने से बड़ा हादसा टल गया.
