Jeevika Didi Fraud In Saharsa: सहरसा के सोनवर्षाराज प्रखंड के शाहपुर गांव में जीविका समूह से जुड़ी दर्जनों महिलाओं के साथ करीब 10 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि समूह की ही एक महिला ने ऋण दिलाने के नाम पर महिलाओं से धीरे-धीरे रकम ली और राशि जमा होने के बाद पति समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर छोड़कर फरार हो गयी.
अपनी मेहनत की कमाई और ऋण की रकम गंवाने का आरोप लगाने वाली महिलाएं अब न्याय के लिए थाने पहुंची हैं. शनिवार को पीड़ित जीविका दीदियों ने सोनवर्षाराज थाना में सामूहिक आवेदन देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी रकम बरामद कराने की गुहार लगायी.
समूह की सदस्य होने का मिला फायदा, महिलाओं का बढ़ा भरोसा
पीड़ित महिलाओं के अनुसार, शाहपुर गांव निवासी सीता देवी भी उनके साथ जीविका समूह में काम करती थी. समूह से जुड़ाव और आपसी परिचय के कारण महिलाओं को उस पर भरोसा था.
आवेदन में महिलाओं ने बताया कि समूह के सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराने वाले कर्मी आरोपी के घर से ही महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराते थे. इसी दौरान सीता देवी ने कथित तौर पर समूह की महिलाओं के नाम पर ऋण स्वीकृत करवाया.
इसके बाद उसने अपनी मजबूरी बताते हुए महिलाओं से ऋण की राशि कुछ समय के लिए लेने और बाद में वापस करने का भरोसा दिया. भरोसे में आकर महिलाएं उसे रकम देती रहीं.
करीब 10 लाख रुपये जमा होने के बाद बंद हो गया संपर्क
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि धीरे-धीरे सीता देवी के पास करीब 10 लाख रुपये जमा हो गये. इसके बाद अचानक उसने महिलाओं से संपर्क करना बंद कर दिया.
महिलाओं के मुताबिक, फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला. जब वे उसके घर पहुंचीं तो पता चला कि सीता देवी अपने परिवार के साथ वहां से फरार हो चुकी है.
इससे महिलाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया. जिन पैसों को ऋण और घरेलू जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाना था, उनके वापस नहीं मिलने से पीड़ित महिलाएं परेशान हैं.
जमीन बेचने की कोशिश का भी आरोप
पीड़ित महिलाओं ने अपने आवेदन में एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि फरार होने के बाद सीता देवी गांव में बची अपनी जमीन को देवकी देवी के माध्यम से बेचने का प्रयास भी कर रही है.
महिलाओं को आशंका है कि यदि जमीन बेच दी गयी तो उनके रुपये वापस मिलने में और मुश्किल हो सकती है. इसी वजह से उन्होंने पुलिस से मामले की तत्काल जांच करने और आरोपितों की संपत्ति एवं लेन-देन की भी जांच कराने की मांग की है.
अब पुलिस जांच से खुलेगा ठगी का पूरा मामला
पीड़ित महिलाओं ने सोनवर्षाराज थाना में सीता देवी, उसके पति उमाशंकर गुप्ता, श्रवण गुप्ता, प्रहलाद गुप्ता और ओम कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
आवेदन देने वालों में रूबी देवी, ममता कुमारी, चुन्नी देवी, रीना देवी, रीता देवी, पावो देवी, ललिता देवी समेत कई महिलाएं शामिल हैं.
सोनवर्षाराज थानाध्यक्ष नागमणि कुमार ने बताया कि महिलाओं का आवेदन प्राप्त हुआ है. मामले की छानबीन की जा रही है.
Jeevika Didi Fraud In Saharsa: छोटे समूहों की महिलाओं के लिए बड़ा सवाल है भरोसे का
यह मामला केवल रुपये की कथित ठगी तक सीमित नहीं है. जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं अक्सर आपसी भरोसे और समूह व्यवस्था के आधार पर आर्थिक गतिविधियां चलाती हैं. ऐसे में समूह से जुड़े किसी व्यक्ति पर भरोसा कर रकम देना महिलाओं के लिए गंभीर आर्थिक जोखिम बन सकता है.
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कुल कितनी महिलाओं से कितनी राशि ली गयी, ऋण की रकम किस प्रक्रिया से स्वीकृत हुई, पैसे का इस्तेमाल कहां किया गया और इस मामले में आरोपित परिवार के अन्य सदस्यों की क्या भूमिका थी.
पीड़ित महिलाओं को उम्मीद है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर उनकी रकम वापस दिलाने की दिशा में कार्रवाई करेगी.
