गुरु अपने शिष्यों के मन में विश्वास पैदा करता है : अभिनव आनंद

शिव को गुरु मानकर भवसागर से पार उतरा जा सकता है

विराट शिव गुरु महोत्सव का आयोजन सत्तरकटैया प्रखंड क्षेत्र स्थित मेनहा गांव में रविवार को विराट शिव गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया. जिसमें शिव शिष्यों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव अभिनव आनंद उर्फ़ मोनू बाबू ने कहा कि भक्ति के लिए शक्ति की जरूरत होती है. बिना शक्ति के भक्ति करने वाले का विनाश हो जाता है. जैसा कि रावण जैसे महान शिव शिष्य का हुआ. उन्होंने कहा शिव तो जगत गुरु हैं. वह सबका कल्याण करते हैं. गुरु का काम है शिष्य के मन में विश्वास पैदा करना. जिसके ऊपर शिव का रंग चढ़ गया, दूसरा रंग चढ़ नहीं सकता है. क्योंकि शिव का रंग तो भक्ति का रंग होता है. ज्ञान देने के चलते ही शिव है. शिव को गुरु मानकर भवसागर से पार उतरा जा सकता है. शिव आपकी सारी मनोरथ को पूरी करती है. शिव की इच्छा से अपनी इच्छा को जोड़िए. खुद को जानने की विधा को ही अध्यात्म कहते हैं. बिना फ़िक्र का प्रेम नहीं होता है. इसलिए शिव कि चिंता कीजिए और शिव से ही प्रेम कीजिए. मन ही रिश्ते बनाते हैं. मन में शिव को धारण कीजिए. उन्होंने शिव के तीन सूत्र को बताते हुए कहा कि चलते फिरते शिव से दया मांग लीजिए. दूसरा अपने गुरु शिव कि चर्चा कीजिए और तीसरा अपने गुरु को प्रणाम कर लीजिए. इस महोत्सव को शिव शिष्या निहारिका दीदी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में शिव शिष्यों द्वारा भजनों की प्रस्तुति की गयी. इस मौके पर पूर्व बीडीओ सह युवा राजद नेता गौतम कृष्ण, सरोज यादव, मदन यादव, रमेश यादव, संजय साह, यशोधर ठाकुर, विद्यानंद यादव सहित हजारों की संख्या में शिव भक्त मौजूद थे.

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