श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न हुआ गौरी-शंकर विसर्जन
प्रखंड क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के बाद माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया.
By Dipankar Shriwastaw | Updated at :
हर-हर महादेव और उमा-महेश्वर की जय के जयघोष से वातावरण बना भक्तिमय
सलखुआ. प्रखंड क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के बाद माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया. सलखुआ स्थित नीलेश्वर धाम में बुधवार को पूजा समापन के बाद नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और उमा-महेश्वर की जय के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया. मंदिर प्रांगण में स्थापित माता गौरी-भोले शंकर की प्रतिमा का विधिवत पूजन कर अंतिम आरती उतारी गयी. श्रद्धालुओं ने माता गौरी एवं भगवान शंकर से यहां विराजमान रहने का आग्रह करते हुए सुख-समृद्धि और दांपत्य मंगल की कामना की. इसके बाद प्रतिमाओं को सुसज्जित वाहन एवं पारंपरिक बाजे-गाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया. विसर्जन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक जल में प्रवाहित किया गया. श्रद्धालुओं ने विसर्जन के समय माता से परिवार की खुशहाली, संतति सुख और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा. पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही. मेला कमेटी के राकेश भगत उर्फ मंटू, निखिल कुमार मन्नी, नीतीश पोद्दार छोटू सहित सभी कार्यकर्ता मौजूद थे.