जीरो-डोज बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बनाई कार्ययोजना

सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों में शून्य टीकाकरण वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ने के लिए एक अहम कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और हर बच्चे तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने की योजना बनाई गई.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

सहरसा : कोसी प्रमंडल के सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल जिलों में शून्य टीकाकरण (जीरो-डोज) वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ने के उद्देश्य से प्रमंडल स्तरीय समीक्षा एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.

कार्यशाला की अध्यक्षता क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य, सहरसा ने की. इसमें यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ, राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, तीनों जिलों के सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, एमओआईसी, बीपीएमयू तथा सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. वाधवानी एआई, जेएसआई सहित अन्य विकास सहयोगी संस्थाओं के विशेषज्ञों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए.

हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में जीरो-डोज बच्चों की पहचान, कोविड-19 के बाद टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों तक पहुंच, माइक्रो प्लानिंग, सामुदायिक जागरूकता और प्रभावी मोबिलाइजेशन अभियान पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही टीकाकरण संबंधी आंकड़ों की गुणवत्ता, बच्चों की ट्रैकिंग व्यवस्था और डिजिटल हस्तक्षेप की भी समीक्षा की गई.

हर बच्चे तक पहुंचे टीकाकरण की सुविधा

क्षेत्रीय अपर निदेशक ने कम टीकाकरण कवरेज वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने तथा सभी जिलों में शत-प्रतिशत जीरो-डोज बच्चों की पहचान कर उनका नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि विभागों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयास से ही प्रत्येक बच्चे तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाई जा सकती है.

कार्यशाला का समापन प्रश्नोत्तर सत्र तथा क्षेत्रीय कार्ययोजना के अनुमोदन के साथ हुआ.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >