ओपीडी जाने वाले रास्ते में बह रहा शौचालय का गंदा पानी, मरीज व कर्मी दोनों परेशान

कार्यालय कर्मियों ने बताया कि जमा पानी से उठने वाली सड़ांध भरी बदबू में बैठकर काम करना कठिन हो गया है.

सहरसा मॉडल अस्पताल के ओपीडी तक जाने वाले मुख्य रास्ते में शौचालय का गंदा पानी लगातार बह रहा है. जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मरीज मजबूरी में गंदा व दुर्गंधयुक्त पानी से होकर ओपीडी इलाज के लिए जाते हैं. जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. शौचालय से निकलने वाला गंदा पानी सड़क के रास्ते बहते हुए डीईआईसी कार्यालय व उसके पूरब स्थित जिला प्रतिरक्षण कार्यालय के बगल में जमा हो रहा है. इन कार्यालयों के आसपास पानी जमा रहने के कारण कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है. कार्यालय कर्मियों ने बताया कि जमा पानी से उठने वाली सड़ांध भरी बदबू में बैठकर काम करना कठिन हो गया है. कोल्ड चेन सिस्टम में आ सकती है खराबी कर्मियों ने बताया कि पानी लगातार जमा रहने से जेनरेटर एवं अन्य बिजली उपकरणों में शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ गया है. जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में लाखों रुपये मूल्य के वैक्सीन रखे हैं. जिन्हें बड़े-बड़े विद्युत चलित उपकरणों एवं कोल्ड चेन सिस्टम में सुरक्षित रखा जाता है. किसी तरह की तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की घटना होती है तो वैक्सीन की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो जायेगा. अस्पताल प्रबंधन बरत रही घोर लापरवाही ओपीडी एवं इमरजेंसी वार्ड के बीच जिस रास्ते से मरीजों की आवाजाही सबसे अधिक होती है वहां शौचालय का गंदा पानी बहना अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही है. इस समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी से लेकर एसडीएम स्तर तक कई बार अस्पताल प्रबंधन को दिशा-निर्देश दिया गया है. बावजूद इसके अब तक ना तो नाले की समुचित सफाई कराई गयी है एवं ना ही स्थायी जल निकासी की कोई व्यवस्था की गयी है.

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By Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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