हॉकी खेल के विकास के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस की मांग

हॉकी खेल के विकास के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस की मांग

डीएम सहित खेल प्राधिकरण से संघ ने की मांग सहरसा. जिले में विभिन्न खेलों के साथ हॉकी खेल का समुचित विकास के लिए हॉकी एसोसिएशन ऑफ सहरसा ने खेल पदाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण पटना, खेल मंत्री बिहार सरकार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है. जिले में अन्य खेलों के साथ हॉकी खेल के विकास के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व मिनी स्टेडियम हो, जिसमें कम से कम दो हजार से पांच हजार दर्शक बैठकर मैच देख सके. जिला सचिव प्रमोद कुमार झा ने कहा कि उत्तर बिहार में हॉकी खेल खेलने के लिए एक भी हॉकी टर्फ मैदान नहीं है. टर्फ मैदान नहीं रहने के कारण खिलाड़ियों का पूर्ण कौशल का विकास नहीं हो पा रहा है. बिहार सरकार की स्कीम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने का प्रावधान है. सहरसा में हॉकी खेल एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा ही चलाया जा रहा है. जबकि आज तक सरकार की ओर से कोई भी सहायता नहीं दी गयी है. जबकि वर्तमान में डीएम दीपेश कुमार ने हॉकी खेल विकास के लिए हॉकी के अभ्यास के लिए पटेल मैदान उपलब्ध कराया गया है. जहां बच्चे रोज अभ्यास करते हैं. उन्होंने कहा कि इस कठिन परिस्थिति में भी यहां के खिलाड़ी जिला से राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि हॉकी खेल के विकास के लिए हॉकी खेल का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सहरसा में खुलना चाहिए.

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By Dipankar Shriwastaw

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