सहरसा हवाई अड्डा भी बने दरभंगा व पूर्णिया जैसा

सहरसा हवाई अड्डा भी बने दरभंगा व पूर्णिया जैसा

विधायक ने भी सदन में उठाया मामला सहरसा. जिला मुख्यालय के एयरपोर्ट विस्तार को लेकर तकनीकी कार्य प्रक्रियाधीन है. 12 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहण को लेकर भी राशि दी गयी है. जिससे यहां से 19 सीटर विमानों के उड़ान भरने में कोई असुविधा नहीं हो. पूर्व में फिजिबिलिटी जांच में 19 सीटर विमानों के उड़ान भरने के तकनीकी जांच कर सहमति दी गयी है. जिस आलोक में प्रक्रिया आंतिम चरण में है. जबकि जिलेवासी यहां से बड़े व्यवसायिक उड़ान की मांग कर रहे थे. लेकिन मात्र छोटे विमान सेवा की संभावनाओं से उन्हें निराशा हो रही है. जबकि बगल में दरभंगा एवं पूर्णियां को यह सेवा उपलब्ध करा दी गयी है. जिससे जिलेवासी ठगा महसूस कर रहे हैं. वे यहां से भी पूर्णियां व दरभंगा की तरह विमान सेवा की मांग कर रहे थे. मात्र 19 सीटर विमान के उड़ान भरने से यहां के लोग थोड़े निराश हैं कि यहां के लोगों के साथ नाइंसाफी हुई है. यहां के लोग एक पूर्ण हवाई अड्डा निर्माण की आस लगाये थे. सहरसा हवाई अड्डा भी दरभंगा एवं पूर्णिया जैसा बने. बड़े एवं आधुनिक विमान का परिचालन नाईट लेंडिंग सुविधा के साथ हो. विधायक ने सदन में उठाया मामला जिला मुख्यालय से हवाई उड़ान को लेकर स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता ने सदन में मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सहरसा हवाई अड्डा को विस्तार देकर चालू करने के लिए वर्ष 2025 में ही मंजूरी दे दी गयी है. लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है. जिससे सहरसा सहित कोसी प्रमंडल के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस आलोक में मंत्री ने क्षेत्रीय संपर्कता योजना के तहत छोटे विमान 19 सीट वाले के संचालन के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार को सहमति प्रदान कर दी गयी है. सहरसा हवाई अड्डे का पूर्व व्यवहारियता अध्ययन व ओएलएक्स सर्वेक्षण कार्य भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा किया जा चुका है. सहरसा हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त लगभग 12 एकड़ भूमि अर्जित किये जाने के लिए अनुमानित मुआवजा राशि लगभग 148 करोड़ को मंत्री परिषद की बैठक में प्रशासनिक स्वीकृति देने के बाद स्वीकृत राशि के विरुद्ध एक सौ करोड़ का भुगतान किया जा चुका है. सर्वेक्षण में चिह्नित बाधाओं को हटाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से व ऑब्सटेकल के स्वामित्व पहचान करने के लिए जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है. प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी. फोटो – सहरसा 07 – सहरसा स्थित हवाई अड्डा

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