सहरसा. वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने एवं वित्त रहित कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल एवं जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया गया. धरना जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा की अध्यक्षता एवं पंकज कुमार सिंह के संचालन में आयोजित हुआ.
33 दिनों से विभिन्न जिलों में चल रहा धरना धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश सेवादल अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है. इस भेदभाव को समाप्त करने एवं वित्त रहित शिक्षकों को सरकारी अनुदान व मानदेय देने की मांग को लेकर कांग्रेस सेवादल पिछले 33 दिनों से राज्य के विभिन्न जिलों में एक दिवसीय धरना दे रही है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आगामी पांच सितंबर शिक्षक दिवस से बिहार में आत्मदाह यात्रा एवं कफन यात्रा निकालकर आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
तीन-चार कमरों में डिग्री कॉलेज खोलने पर उठाये सवाल कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने कहा कि बिहार सरकार एक ओर वर्षों से संचालित वित्त रहित कॉलेजों की उपेक्षा कर रही है, जबकि दूसरी ओर तीन-चार कमरों में डिग्री कॉलेज खोलने की कवायद कर शिक्षा व्यवस्था को मजाक बना रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की इस नीति का पुरजोर विरोध करती है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पूर्व सिवान की सभा में सम्राट चौधरी ने वित्त रहित शिक्षकों के सरकारीकरण एवं मानदेय देने की बात कही थी. अब सरकार को अपने वादे को पूरा करना चाहिए.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद धरना में प्रदेश महिला अध्यक्ष रुचि सिंह, राम सागर पांडेय, प्रदेश प्रतिनिधि मो. नईमुद्दीन, वरीय उपाध्यक्ष कुमार हीरा प्रभाकर, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल, बिहार सेवादल प्रभारी अफरोज खां, बैद्यनाथ झा, प्रखंड अध्यक्ष पुष्कर कुमार सिंह गमन जी, राम कुमार पासवान, भरत नारायण झा, ब्रज किशोर झा, प्रमोद कुमार गांधी, अश्विनी कुमार झा, उमेश साह, अनिल कुमार ठाकुर, अवधेश कुमार, कामेश्वर साह, अभिनंदन सिंह, मंगल झा, उदय भगत सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
