इंजीनियरिंग कॉलेज के बच्चों ने जुर्माना व मेस बंद करने को ले कॉलेज परिसर में किया प्रदर्शन

कुछ बच्चों के हंगामा करने पर सभी से जुर्माना की वसूली करने एवं मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिये जाने को लेकर बुधवार को महाविद्यालय परिसर में हंगामा किया.

डीएम को आवेदन देकर की हस्तक्षेप की मांग

सहरसा. इंजीनियरिंग कॉलेज के फस्ट सेमेस्टर बैच के छात्रों ने योगा क्लास में कुछ बच्चों के हंगामा करने पर सभी से जुर्माना की वसूली करने एवं मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिये जाने को लेकर बुधवार को महाविद्यालय परिसर में हंगामा किया. साथ ही इसको लेकर जिलाधिकारी को आवेदन देकर हस्तक्षेप की गुहार लगायी. हंगामा करते छात्रों के समूह ने बताया क योग सत्र के दौरान दो-तीन छात्रों ने हंगामा किया. योग शिक्षक ने मामले की सूचना प्राचार्य को दी. जिम्मेदार छात्रों की पहचान करने और उन्हें दंडित करने के बजाय प्राचार्य ने बैच के सभी छात्रों पर एक हजार रुपये का एकमुश्त जुर्माना लगा दिया, जबकि अधिकांश छात्र शोर के लिए जिम्मेदार नहीं थे. जब छात्रों ने शुरू में अनुचित जुर्माना भरने का विरोध किया तो कॉलेज प्रशासन ने उनका पंजीकरण रद्द करने की धमकी दी, जिससे मजबूरन जुर्माना भरना पड़ा. प्रधानाचार्य द्वारा भोजन की गुणवत्ता की जांच के दौरान फस्ट सेमेस्टर बैच के छात्रों ने भोजन में कीड़ों की शिकायत की तो प्रधानाचार्य ने पूरे बैच के लिए मेस सेवा तुरंत बंद कर दी और हमें कहीं और खाने का निर्देश दिया, जिससे काफी परेशानी एवं व्यवधान पैदा हो रहा है.

प्राचार्य के समझाने पर हंगामा कर रहे बच्चे हुए शांत

इस बाबत पूछे जाने पर प्रधानाचार्य प्रो डॉ रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि पाठ्यक्रम में योगा विषय रहने के कारण प्रतिदिन योग कक्षा होती है. वे भी लगभग प्रतिदिन योग कक्षा में योग के लिए आते रहे हैं. पिछले दिन जब किसी कारण से वे योग कक्षा नहीं आ सके तो पीछे से कुछ बच्चों ने हंगामा किया, जिसकी शिकायत पर अन्य छात्रों से हंगामा करने वाले बच्चों के बारे में जानकारी लेनी चाही तो किसी ने कुछ नहीं बताया. इस परिस्थिति में विभागीय निर्देश के आलोक में सामूहिक जुर्माना लगाना पड़ा. उन्होंने कहा कि इसके लिए जांच चल रही है, जो इसमें शामिल नहीं होंगे, उनके जुर्माना की राशि लौटा दी जायेगी. वहीं मेस में भोजन की शिकायत को लेकर कहा कि उनको शिकायत मिली तो वे खुद जांच करने गये. लाइट जलने से खाना में कीड़ा गिर गया था, जिसको लेकर मेस में दोबारा खाना तैयार किया गया, लेकिन बच्चों ने खाना नहीं खाया तो उन्होंने कहा कि बच्चे मेरे हैं उन्हें दूसरा मेस लेकर आने की बात समझाया तो सभी समझ गये, लेकिन कुछ शरारती बच्चों के बहकावे में आकर हंगामा करने लगे, जिन्होंने समझने के बाद शांत हो अपनी गलती स्वीकार की.

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By Dipankar Shriwastaw

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