सहरसा . गायत्री शक्तिपीठ में एक अक्तूबर को शारदीय नवरात्रि माता सिद्धिदात्री का पूजन व पूर्णाहुति यज्ञ के साथ संपन्न हुआ. सत्र को संबोधित करते ट्रस्टी डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि माता सिद्धिदात्री के पूजन से सर्व सुख की प्राप्ति होती है. भगवती जब साधक के जीवन में प्रवेश करती है तो साधना की संपूर्णता में प्राप्ति होती है. साधक को कैवल्य ज्ञान का अधिकारी होता है. साधक मोक्ष को प्राप्त हो जाता है. यही भगवती के नौ रूपों की आध्यात्मिकता है. शक्ति एवं सृष्टि का श्रोत आदिशक्ति है. उन्होंने ने कहा कि अध्यात्म भीतर की शांति है. नौ दिनों तक साधक ज्ञान भक्ति आध्यात्मिकता की गंगा में डुबकी लगाते रहे. इस मौके पर पूर्णाहुति यज्ञ सभी परिजनों ने संपन्न किया. सभी पालियों में गायत्री शक्तिपीठ के देवकन्या द्वारा सामूहिक हवन संपन्न हुआ. इस पुण्य कार्य में युवा मंडल, युवती मंडल, महिला मंडल एवं सभी गायत्री परिजन का सहयोग सराहनीय रहा एवं 9 दिनों तक शाम में भजन कीर्तन भक्ति, मयराम कथा का आयोजन हुआ.
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