सहरसा. विधान पार्षद डाॅ अजय कुमार सिंह ने बिहार के बैंक के क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि बिहार का क्रेडिट डिपॉजिट अनुपात 53.5 प्रतिशत है. जबकि राष्ट्रीय औसत 80.1 प्रतिशत है. बिहार के बैंक बिहार में जमा राशि का 53.5 प्रतिशत ऋण के रूप में बिहार में बांटती है. तमिलनाडु का यह अनुपात 120.5 व आंध्रप्रदेश का 157.2 प्रतिशत है. डाॅ सिंह ने कहा कि सरकार को बैंको के विरुद्ध कारवाई करनी चाहिए. रिजर्व बैंक के गाइड लाइन के अनुसार बैंक जमा साख के विरुद्ध अधिकतम ऋण वितरण करना है. सदन में सामने बैठे उपमुख्य मंत्री सम्राट चौधरी की चर्चा करते विधान पार्षद ने कहा कि ठीक एक वर्ष पहले बैंक की राज्यस्तरीय कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक में उन्होंने बैंक से सीडी अनुपात को बढाने के लिए कहा था. लेकिन नतीजा सिफर रहा. बिहार के बैंक में जमा पैसे से दूसरे राज्य का विकास हो रहा है. बैंक की उदासीनता के कारण उद्यमियों को ऋण नहीं मिल पा रहा है. विधान पार्षद ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में पुरे बजट राशि 3,47,589 करोड रुपये का मात्र 0.9 प्रतिशत 3,337करोड रुपये का प्रावधान उद्योग के प्रति उदासीनता का परिचायक है. उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड भी देने में लक्ष्य का मात्र दस प्रतिशत उपलब्धि है. इसमें भी बिहार के बैंको की भूमिका प्रतिकूल है.
किसान क्रेडिट कार्ड भी देने में बैंकों का लक्ष्य का मात्र दस प्रतिशत है उपलब्धिः डॉ अजय सिंह
लक्ष्य का मात्र दस प्रतिशत है उपलब्धिः डॉ अजय सिंह
