विभिन्न तरह के तिलकुट के अलावा बिक रहा गजक, रेवड़ी व तिलकतरी
सहरसा : शनिवार को मकर संक्रांति है. त्योहार की तैयारी में पूरा शहर व्यस्त हो गया है. लोग चूड़ा, मूरही, काला व सफेद तिल, शक्कर के अलावे बाजार में बिक रहे तिलकुट की जमकर खरीदारी कर रहे हैं. इसके अलावे शनिवार को बनने वाले मुख्य भोजन खिचड़ी के लिए अरवा चावल एवं सात तरह के दालों की बिक्री भी परवान पर है. दही के लिए लोगों ने पैकेटबंद दूध का आर्डर दे दिया है. वे शुक्रवार को उसे जमने के लिए दे देंगे. हालांकि बाजार के होटल सहित दही के स्पेशल दुकानों में भी इसका पर्याप्त भंडारन किया गया है. जिसकी बिक्री शुक्रवार से ही शुरू हो जायेगी.
लुभा रहा है तिलकुट का बाजार
मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा के साथ व्यंजनों में शामिल रहने वाला तिलकुट लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. चौक-चौराहों से लेकर गली-मुहल्लों में ठेले पर इसकी जमकर बिक्री हो रही है. चांदनी चौक स्थित जेपी लस्सी भंडार के जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि तिल से कई तरह के तिलकुट बनाये जाते हैं. उनमें चीनी व गुड़ से बने तिलकुटों के अलावे गजक, रेबरी व तिलकतरी मुख्य होते हैं. लोग स्वादानुसार अपनी पसंद के तिलकुट खरीद रहे हैं. उन्होंने बताया कि शीतलहर शुरू होते ही तिलकुट की बिक्री शुरू हो जाती है.
जो लगभग फरवरी महीने तक बिकती रहती है. श्री गुप्ता ने बताया कि कुशल कारीगरों से तिलकुट के अलावे घीवर भी बनाया जाता है. जो मकर संक्रांति के दिन लोगों की विशेष पसंद होती है.
