सहरसा व खगड़िया में अभियुक्त को गिरफ्तार करने गयी थी पुलिस
अभियुक्तों को गिरफ्तार करने गयी पुलिस पर हमला किया गया. सहरसा में पुलिस टीम पर हमला कर राइफल व कारतूस छीन लिया, वहीं खगड़िया में थानाध्यक्ष को गोली मार दी. इधर नवगछिया के परबत्ता में हाेमगार्ड जवान को ट्रक ने रौंद दिया, इससे उनकी मौत हो गयी.
सहरसा : सदर थाना क्षेत्र के कहरा राम टोला में सोमवार की देर रात तीन कांडों के अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए गयी पुलिस को आरोपितों के परिजनों ने बंधक बना कर जम कर पीटा और राइफल व कारतूस छीन लिया. घटना में पुअनि कमलेश सिंह, सअनि सुरेंद्र यादव, होमगार्ड जवान उपेंद्र पासवान को गंभीर चोट लगी है. वहीं होमगार्ड जवान कुमोद झा का सिर फट गया है. उसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.
पुलिस टीम पर…
पुलिस ने मामले में तीन आरोपित सुभक राम की मां बादामी देवी, भाई संतोष राम व एक कटिहार जिला बल के बर्खास्त सिपाही रंजय साह को गिरफ्तार कर लिया. घटना में संतोष राम भी जख्मी हो गया, जिसका इलाज पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल में चल रहा है. घटना की सूचना मिलते ही पूरे जिले के कई थाना के थानाध्यक्ष व पुलिस को घटनास्थल पर बुलाया गया. इसके बाद हालात पर काबू पाया गया और राइफल की बरामदगी की गयी. हालांकि कारतूस समाचार प्रेषण तक बरामद नहीं हो पाया था.
क्या था मामला : सदर थाना में तीन फरवरी को अशोक झा द्वारा दर्ज कराये गये कांड संख्या 94 जो धारा 341, 323, 324, 307, 384, 386, 387, 504 के तहत दर्ज है. इसमें ललन राम, हनुमान राम, सुभक राम, सत्यनारायण यादव, वीरेंद्र यादव, लालो यादव को नामजद किया गया था. वहीं 23 जुलाई को संतोष झा के द्वारा दर्ज कांड संख्या 618 जो धारा 147, 148, 149, 341, 323, 324, 307, 384, 387, 379, 504 भादवि के तहत दर्ज है, में नारायण यादव, बिपीन यादव, उगन यादव, बिरेन यादव, सुरेन यादव, सज्जन यादव, सुभक राम को नामजद किया गया था. इसी वर्ष के 18 नवंबर को संतोष कुमार झा ने कांड संख्या 980 धारा 147, 148, 149, 341, 384, 386, 387, 506, 504 भादवि के तहत बिरेन यादव, सुरेन यादव, नारायण यादव, लालो यादव, उगन यादव, सज्जन यादव,
गज्जी यादव, भज्जी यादव, सुभक राम पर मामला दर्ज करवाया था. वरीय अधिकारियों ने अपने पर्यवेक्षण में मामले को सत्य पाते हुए गिरफ्तारी का आदेश दिया था. सोमवार की रात पुलिस सुभक राम, हनुमान राम व ललन राम को गिरफ्तार करने गयी थी. पुलिस को देखते ही आरोपितों के परिजनों ने हमला कर दिया. जब तक पुलिस कुछ समझ पाती तब तक कई पुलिस कर्मी जख्मी हो गये थे. इसकी सूचना मुख्यालय को दी गयी. तब जाकर जिले के सभी थाना से पुलिस बल पहुंचे और बंधक बने पुलिस अधिकारी व जवानों को बाहर निकाला.
बरखास्त जवान को बता रहा मास्टरमाइंड : बंधक बनाये गये पुलिसकर्मी से परिजनों ने राइफल व कारतूस छीन लिया. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस में खलबली मच गयी. काफी मशक्कत के बाद राइफल बरामद किया गया. हालांकि पुलिस कारतूस बरामद करने में असफल रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस गिरफ्तार किये गये बरखास्त जवान पर गोली गायब करने की शंका जता रही है. राइफल के मैगजीन में पांच व बिंडोलिया में 20 गोली थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मैगजीन से भी गोली गायब है, जो बहुत जानकार ही गायब कर सकता है. पुलिस ने मंगलवार को भी उससे गोली की बाबत पूछताछ की. लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है.
राइफल बरामद
सहरसा के राम टोला कहरा की घटना, महिला सहित तीन गिरफ्तार
घायल जवान का हाल पूछते सदर एसडीपीओ.
