घर छोड़ भाग गये सभी आरोपित
पुलिस की पिटाई. दूसरे दिन भी आरोपित व प्रशासन के बीच लुकाछिपी सदर थाना क्षेत्र के कहरा राम टोला में सोमवार की देर रात तीन कांडों के अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए गयी पुलिस को आरोपियों के परिजनों ने बंधक बना कर पीटा और राइफल व कारतूस छीन लिया. घटना में पुलिस कर्मियों को चोट […]
पुलिस की पिटाई. दूसरे दिन भी आरोपित व प्रशासन के बीच लुकाछिपी
सदर थाना क्षेत्र के कहरा राम टोला में सोमवार की देर रात तीन कांडों के अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए गयी पुलिस को आरोपियों के परिजनों ने बंधक बना कर पीटा और राइफल व कारतूस छीन लिया. घटना में पुलिस कर्मियों को चोट आयी. मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बाकी फरार हो गये. मंगलवार को भी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास करती है. वहीं मामले को लेकर गांव में तनाव कायम है.
सहरसा : नववर्ष के दूसरे दिन ही पुलिस बल के साथ ऐसी घटना होगी, किसी ने सोचा नहीं था. दिन भर सब कुछ सामान्य था. ठंड के मौसम में जहां आम लोग अपने घर में चैन की नींद ले रहे थे. उस समय पुलिस कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कुहासे में कहरा पहुंची थी. कहरा गांव में भी सभी अपने अपने घर में थे.
रात लगभग 11 बजे शोर सुन आसपास के लोग बाहर निकले तो बाहर कुछ और ही नजारा था. कल तक पुलिस को देख अपने आप को छिपानेवाले व छिपने में मदद करने वाले पुलिस पर भारी पड़ रहे थे तो पुलिस अपने को सुरक्षित करने के लिए पनाह मांग रही थी. धीरे-धीरे गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. लोग जब तक कुछ समझ पाते दोनों तरफ से हमला शुरू हो गया. हालांकि आरोपी का घर चारों ओर से खुले होने का फायदा आरोपी व उसके परिजनों ने बखूबी उठाया. काफी संख्या में पुलिस को देख सभी खिसक गये. कई घंटों के बाद हालात सामान्य हुए तो पुलिस अपने सहकर्मियों को खोजने लगी.
छीने गये राइफल व कारतूस बरामद करने में जुट गयी. काफी मशक्कत के बाद पुलिस को राइफल मिली. मौके पर महिला थानाध्यक्ष आरती सिंह, नवहट्टा थानाध्यक्ष द्रवेश कुमार, बिहरा थानाध्यक्ष सरवर आलम, बनगांव थानाध्यक्ष प्रभाष कुमार, महिषी थानाध्यक्ष रणवीर कुमार, सौनवर्षा राज थानाध्यक्ष इजहार आलम, सौरबाजार थानाध्यक्ष रूदल कुमार, बैजनाथपुर शिविर प्रभारी शंभुनाथ सिंह सहित अन्य पुलिस बल मौजूद थे.
पुलिस पर लगाया विपक्षी के साथ काम करने का आरोप : पुलिस जिस आरोपी को गिरफ्तार करने गयी थी. उसने पुलिस पर दूसरे पक्ष के साथ काम करने का आरोप लगाया है. सुभक राम ने कहा कि मामला जमीन विवाद का है और दूसरे पक्ष के लोग थाना में एक वरीय अधिवक्ता के इशारे पर रंगदारी का मामला दर्ज करवा रहे हैं. पुलिस के वरीय अधिकारी बिना जांच पड़ताल किये आरोप को सही ठहराते गिरफ्तारी की बात कह रहे हैं. जबकि वह सभी भाई मजदूरी कर परिवार चलाते हैं.
मजदूरी करनेवाला व्यक्ति रंगदारी की मांग नहीं कर सकता है. पीड़ित ने बताया कि घर के पीछे दो कट्ठा 12 धुर का प्लॉट है. जो उसके पूर्वजों ने खरीदा था. लेकिन विपक्षी इसे अपना बता हड़पना चाहते हैं. असफल रहने पर थाना में रंगदारी का झूठा मामला दर्ज करवा रहा है. प्रशासन मामले की सही जांच करे तो यह रंगदारी का नहीं बल्कि जमीन का विवाद है. उन्होंने कहा कि सोमवार की रात भी पुलिस के साथ विपक्षी लोग शामिल थे. जबकि मेरे घर में कोई पुरुष नहीं था. पुलिस के साथ विपक्षी नेघर में घुस कर लूटपाट व मारपीट की.
घर में पुरुष नहीं थे तो पुलिस पर हमला कौन करता. पुलिस पर हमला करने व राइफल-कारतूस छीनने का आरोप बेबुनियाद है. कोई सोची समझी साजिश के तहत निर्दोष को फंसाना चाहता है.
सदर थाना क्षेत्र के कहरा राम टोला में सोमवार की देर रात तीन कांडों के अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए गयी पुलिस को आरोपियों के परिजनों ने बंधक बना कर पीटा और राइफल व कारतूस छीन लिया. घटना में पुलिस कर्मियों को चोट आयी. मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बाकी फरार हो गये. मंगलवार को भी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास करती है. वहीं मामले को लेकर गांव में तनाव कायम है.