सहरसा : ठंड धीरे-धीरे अब बढ़ने लगी है. अब तक जहां रात में एक चादर से काम चल जाता था. पछुआ हवा चलने से लोग अब कंबल का सहारा लेने लगे हैं. सुबह और शाम लोगों के शरीर पर गरम कपड़ा दिखने लगा है. दिन और रात के तापमान में अंतर आने लगा है. हालांकि दिन का तापमान अभी भी 30 डिग्री के आस-पास चल रहा है. इसके कारण दिन में अभी भी गरमी का एहसास हो रहा है. रात ढलने के साथ ही ठंड बढ़ती जाती है और सुबह में धूप निकलने तक हल्की ठंड का असर रहता है.
पछुआ हवा बहने से ठंड ने दी दस्तक, निकले गरम कपड़े
सहरसा : ठंड धीरे-धीरे अब बढ़ने लगी है. अब तक जहां रात में एक चादर से काम चल जाता था. पछुआ हवा चलने से लोग अब कंबल का सहारा लेने लगे हैं. सुबह और शाम लोगों के शरीर पर गरम कपड़ा दिखने लगा है. दिन और रात के तापमान में अंतर आने लगा है. हालांकि […]

बाजार में सजने लगी गरम कपड़ों की दुकान
ठंड के दस्तक देते ही बाजार में गरम कपड़े की दुकान भी सजने लगी है. कश्मीरी सेल के साथ-साथ बाजार की दुकानों में भी ऊनी कपड़े पहुंच गये हैं. ठंड के दस्तक देते ही दिन और रात के तापमान में अंतर आने लगा है. हालांकि दिन का तापमान अभी भी 30 डिग्री के आस-पास बना हुआ है. लेकिन न्यूनतम तापमान 16-18 डिग्री के आस-पास रह रहा है. न्यूनतम तापमान में कमी का असर रात में ठंड पर पड़ता है.
ओस के साथ कुहासे का असर: रात में ओस की बूंदों के साथ-साथ सुबह में कुहासे का असर रहता है. ठंड बढ़ने के साथ ही रात आठ बजे के बाद बाजार और सड़कों पर लोगों की चहल-पहल कम होती जा रही है.
बढ़ी स्कूली बच्चों की मुश्किल: ठंड के शुरू होते ही स्कूली बच्चों की मुश्किल बढ़ गयी हैं. सबेरे-सबेरे ठंड में स्कूल के लिए निकलना उनके लिए काफी कष्टकारी हो रहा है. चूंकि सुबह में हल्की ठंड रहती है. धूप निकलने के बाद गरमी लगने लगती है. ऐसे में ज्यादा गररम कपड़ा पहनाकर भेजना भी अभिभावक उचित नहीं समझते हैं.
सजा बाजार, गरम कपड़ों की शुरू हुई बिक्री
ठंड की दस्तक के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री शुरू हो गई है. शहर के डीबी रोड, कपड़ा पट्टी सहित सभी बाजारों के रेडीमेड स्टोर व शो रुम इन कपड़ों से सज चुके हैं. इसकी बिक्री भी शुरु हो गयी है. इसके अलावा शाल, कंबल, रजाई आदि की बिक्री भी आरंभ है. कपड़ा दुकानों का लुक ठंड ने बदल दिया है. ठंड को लेकर व्यवसायियों ने तैयारी कर ली है. ग्राहक भी दुकानों पर पहुंचने लगे हैं. ठंड को लेकर यहां बड़ी संख्या में बाहर के व्यापारी भी पहुंचते हैं, जो यहां से थोक के भाव गर्म कपड़े दुकानदारों को दे जाते हैं.
शहर का डीबी रोड मार्केट ऊन की बिक्री के लिए प्रसिद्ध है. यह बाजार चार महीनों तक ऊन की बिक्री से गुलजार रहता है. साथ ही कश्मीर के व्यापारियों द्वारा यहां बेचे जाने वाले रेशमी शॉल की काफी डिमांड रहती है. कई राज्यों के व्यापारी यहां ठंड के मौसम में व्यापार के लिए पहुंचते हैं. उनका आगमन भी शुरु हो गया है. व्यापारियों द्वारा दुकानें सजाई जाने लगी है. हालांकि अभी गर्म कपड़ों की बिक्री रफ्तार नहीं पकड़ी है, लेकिन दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक इसमें तेजी आने की उम्मीद व्यवसायियों को भी है. मोंटे कारलो के शशिशेखर सम्राट बताते है कि शो रूम में कंपनी द्वारा एक से बढ़कर एक रैंज उतारे गये है. कहीं न कहीं कपड़ा व्यवसायी अब ठंड बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं.