एटीएम में भी चार-पांच कार्ड के साथ प्रवेश कर रहे हैं लोग

पुरानी सीढ़ी पर जान का जोखिम ले चढ़ गये लोग भीड़ के सामने बैंक की शाखा पड़ी छोटी सुरक्षा की नहीं है कोई व्यवस्था सिमरी : अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न बैंक शाखाओं के मंगलवार को खुलते ही अन्य दिनों की तरह सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से लोग पैसा जमा करने व बदलने के लिये पहुंचते रहे. […]

पुरानी सीढ़ी पर जान का जोखिम ले चढ़ गये लोग

भीड़ के सामने बैंक की शाखा पड़ी छोटी
सुरक्षा की नहीं है कोई व्यवस्था
सिमरी : अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न बैंक शाखाओं के मंगलवार को खुलते ही अन्य दिनों की तरह सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से लोग पैसा जमा करने व बदलने के लिये पहुंचते रहे. सलखुआ प्रखंड मुख्य बाजार स्थित बैंक ऑफ इंडिया में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते बचा, जब पांच सौ व हजार के नोटों को बदलवाने के लिए आमलोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. जानकारी के अनुसार सलखुआ मुख्य बाजार में स्थित बैंक ऑफ इंडिया बीते कई वर्षों से सलखुआ बाजार में एक भवन के प्रथम तल पर संचालित हो रहा है.
बैंक तक पहुंचने के लिए जो सीढ़ी है वह जर्जर अवस्था में है. इसके साथ ही बैंक के बाहर की बालकोनी भी कमजोर हो चुकी है. वहीं जब मंगलवार को नोट बदलवाने की भीड़ उमड़ी तो सीढ़ी से लेकर बालकॉनी तक लोग ही लोग नजर आ रहे थे. वही भीड़ का प्रकोप इस कदर रहा कि सड़को पर भी लंबी लाइन लग गई. जिससे सीढ़ी और बालकोनी के टूटने की स्थिति बन गई. आनन-फानन में सलखुआ पुलिस को खबर की गई. सूचना मिलते ही सलखुआ थाना से सअनि बुलेश्वर यादव सदल-बल बैंक पहुंच कर भीड़ को सीढ़ी से हटवाया. इधर दिन भर सिमरी बख्तियारपुर अंतर्गत विभिन्न बैंको में उमड़ी भीड़ ने अन्य दिनों का सारा रिकॉर्ड तोड़ दिया.
नोट बदलने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ सिमरी बख्तियारपुर स्टेट बैंक में देखा गया. इसके अलावे स्टेशन चौक पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया सहित मुख्य बाजार में स्थित डाकघर और कैनरा बैंक में भी भीड़ देखा गया. वही आरबीआई द्वारा पांच सौ व हजार रूपये के नोटों को बैंक में बदलने के लिए उपलब्ध कराया फॉर्म का फोटो स्टेट मंगलवार को भी दस रुपये में सिमरी बख्तियारपुर में बिका. बख्तियारपुर थाना में फोर्स की कमी की वजह से विभिन्न बैंकों में आमलोगों की भीड़ को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है.
हर रोज बैंको में फ़ोर्स की कमी की वजह से बैंक कर्मी से लेकर लोग परेशान रहते है. बीते शनिवार को स्टेट बैंक के नीचे हुई 53 हजार की घटना ने प्रशासनिक इंतजाम पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया है. थानाध्यक्ष उमाशंकर कामत दिनभर विभिन्न बैंको का जायजा लेकर स्थिति को कंट्रोल करते रहे. नोट बदलवाने के लिए प्रयासरत आम लोगो के लिए एनएसयूआइ द्वारा विभिन्न बैंक में नाश्ता-पानी का इंतजाम किया गया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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