सुपौल में एनडीआरएफ बेस कैंप की होगी स्थापना : मंत्री

राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए रोडमेप की तैयारी अंतिम दौर में है. जल्द ही इसे केबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा. सहरसा सदर : आपदा से सुरक्षा के लिए आम आदमी की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार अपने सात निश्चय को लागू करने के लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 29, 2016 8:39 AM
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए रोडमेप की तैयारी अंतिम दौर में है. जल्द ही इसे केबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा.
सहरसा सदर : आपदा से सुरक्षा के लिए आम आदमी की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार अपने सात निश्चय को लागू करने के लिए कृत संकल्पित है. उक्त बातें रविवार को स्थानीय परिसदन में प्रेस को संबोधित करते राज्य के आपदा मंत्री प्रो चन्द्रशेखर ने कही. उन्होंने कहा कि आपदा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी सवंदेनशील है.
मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अब तक जो भी सरकारें आयी. वह इस विभाग को सिर्फ सहायता व रिलीफ तक ही विभाग को सीमित रखी. लेकिन नीतिश सरकार आपदा से सुरक्षा के प्रति आम आदमी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आपदा प्रबंधन के लिए रोडमेप की तैयारी को अंतिम रूप देने में लगी है. उन्होने कहा कि जल्द ही रोडमेप को कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा जायेगा. मंत्री ने कहा कि नीतीश सरकार ने जो सात निश्चय के साथ बिहार के विकास को लेकर नीति तैयार की है. उस निश्चय के तहत युवा, किसान से लेकर समाज के अंतिम पैदान तक के लोगो को समृद्धि व सुरक्षा से जोड़ने का काम किया जा रहा है.
28 जिलों में स्थापना
मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को लेकर स्कूल सेफ्टी, सड़क सुरक्षा, भवन सुरक्षा को लेकर मार्क डी व जागरुकता के लिए हर जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारी की जा रही है. कहा कि बाढ़ प्रबंधन जैसी आपदाओं के बचाव के लिए ही 28 जिलों में एसडीआरएफ बेस कैम्प का जहां निर्माण किया जाना है.
वहीं सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में एनडीआरएफ की बेस्ड कैम्प की स्थापना की जाएगी. मंत्री ने कहा कि इसके लिए जमीन चयन का काम लगभग पूरा हो चुका है. जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. उन्होंने मधेपुरा में एचडीआरएफ बेस्ड कैम्प निर्माण की भी बात कही. मंत्री ने कहा कि भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव के लिए सरकारी भवनों को भूकंप रोधी बनाना भी रोडमेप का हिस्सा है. प्रत्येक जिले में भूकंपरोधी मकान निर्माण के लिए अलग से सेल बनाये जाने की बात कही. कहा कि इसके लिए अब तक 327 इंजीनियरों को प्रशिक्षण देकर जिले में तैनाती कर दी गई है
मंत्री ने कहा कि आम नागरिकों ने भी भूकंपरोधी मकान निर्माण की जागरूकता के लिए विशेष जोड़ दिया जायेगा. इसके लिए राज्य मिस्त्री को भी भूकंपरोधी मकान निर्माण के लिए प्रशिक्षण देने की भी योजना है. कहा कि कम्युनिटी स्तर पर भी आपदा के बचाव के लिए पंचायत स्तर पर 10 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.