स्टेशन की सफाई में जुटे सफाईकर्मी

सहरसा सदर : पिछले तीन महीने से जीएम निरीक्षण को लेकर रेल अधिकारियों के बीच बड़ी बैचेनी जीएम निरीक्षण के तिथि पर मुहर लगते ही अधिकारी व कर्मियों में और भी बैचेनी ला दी. तीन महीने की हर तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए हर और नजर दौड़ाया जा रहा था कि मंगलवार को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 10, 2016 3:52 AM

सहरसा सदर : पिछले तीन महीने से जीएम निरीक्षण को लेकर रेल अधिकारियों के बीच बड़ी बैचेनी जीएम निरीक्षण के तिथि पर मुहर लगते ही अधिकारी व कर्मियों में और भी बैचेनी ला दी. तीन महीने की हर तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए हर और नजर दौड़ाया जा रहा था कि मंगलवार को जीएम निरीक्षण के एक दिन पूर्व समस्तीपुर रेल मंडल के कई अधिकारी पहले से ही निरीक्षण के कमान संभाल हर कमी को पूरा करने का कर्मियों को निर्देश देते दिखे.

मंगलवार देर शाम तक स्टेशन व फुट ओवरब्रिज के रंग-रोगन को अंतिम रूप दिया जा रहा था. स्टेशन के प्लेटफॉर्म सहित परिसर की साफ-सफाई में सफाई कर्मी मुस्तैद दिखे. प्लेट फॉर्म को पूरी तरीके से चमकाने की कवायद जारी रही. सफाई एजेंसी के अधिकारी खुद कमान संभाल प्लेटफॉर्म की धुलाई से लेकर सफाई करवाने में जुटे रहे. स्वच्छ भारत अभियान में संकल्पित रेलवे की मुहिम को लेकर स्टेशन परिसर में किसी भी तरह की गंदगी जीएम निरीक्षण के दौरान नजर नही दिखे.

इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था. स्टेशन की साफ-सफाई को लेकर सुस्त दिखाई देने वाला सफाई कर्मी मंगलवार को पूरे दिन सहरसा जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म के साफ-सफाई पर ध्यान लगाये हुए थे. बुकिंग काउन्टर से लेकर विभिन्न कार्यालय, माल गोदाम तक में साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है. इन सभी जगहों के रंग-रोगन व सफाई पर विशेष ध्यान इन तीन महीनों की तैयारी में देखने को नजर आ रहा था.

आज अतिक्रमणमुक्त दिखा मुख्य द्वार : सहरसा स्टेशन के चांदनी चौक की ओर से मुख्य द्वार जो प्रतिदिन अतिक्रमण नजर आता था वह मंगलवार को जीएम निरीक्षण के कारण अतिक्रमणमुक्त नजर आने लगा. मालूम हो कि प्लेट फॉर्म एक की तरफ निकास व प्रवेश का यह मुख्य द्वार स्टेशन परिसर तक अतिक्रमणकारियों के कारण सड़क सिकुड़ी नजर आती थी. वह मंगलवार को अतिक्रमण खाली होने के कारण काफी चौड़ी और सुंदर नजर दिख रही थी. रेल के वरीय अधिकारियों के आगमन के समय ही इन अतिक्रमणकारियों को खाली कराया जाता है. अधिकारियों के जाने के बाद एक बार फिर उस मुख्य द्वार की हालत जस की तस बन जाती है.