जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

नवादा : बिहार राज्य किसान सभा के जिला इकाई द्वारा बुधवार को सुखाड़ सहित 13 सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया. समाहरणालय के पास रैन बसेरा में आयोजित एक दिवसीय धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के नेता जनार्धन सिंह ने किया. धरने को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि […]

नवादा : बिहार राज्य किसान सभा के जिला इकाई द्वारा बुधवार को सुखाड़ सहित 13 सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया. समाहरणालय के पास रैन बसेरा में आयोजित एक दिवसीय धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के नेता जनार्धन सिंह ने किया.

धरने को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नवादा जिला विगत कई वर्षो से सुखाड़ का दंश झेल रहा है. उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में इस जिले के किसान और मजदूर अपना पेट भरने के लिए काफी मशक्कत करने को मजबूर हैं. सुखाड़ को लेकर मजदूरों का पलायन शुरू हो चुका है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार नवादा जिला में मात्र 40 प्रतिशत ही धान की रोपनी हुई है, वह भी 10 प्रतिशत धान की रोपनी 17 अगस्त के बाद हुई है. फिर भी नवादा जिला को सुखाड़ क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों का किसान विरोधी नीति के कारण ही बड़े पैमाने पर किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं.
इस दौरान सुखाड़ सहित विभिन्न मुद्दों पर कार्यक्रम में मौजूद कई नेताओं ने सम्बोधित करते हुए मांगों को रखा. उसके बाद सभा के प्रतिनिधि मंडल ने 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा. जिसमें नवादा जिले को अकाल क्षेत्र घोषित करने, किसानों के सभी तरह के कर्ज माफी करने, सभी प्रखंडो में पेयजल की व्यवस्था करने, सभी पइन आहर व पोखरों की साफ-सफाई कराने तथा उसकी मरम्मत कराने सहित 13 सूत्री मांगे शामिल है.
मौके पर किसान सभा के राजेंद्र मांझी, जयनंदन प्रसाद सिंह, अर्जुन सिंह, दशरथ प्रसाद यादव तथा ललन कुमार सिंह सहित दर्जनों की संख्या में लोग मौजूद थे.

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