डेहरी कार्यालय : लोकसभा के चालू सत्र के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री द्वारा काराकाट के सांसद महाबली सिंह के पूछे गये सवाल के जवाब में रोहतास उद्योग समूह की रेलवे द्वारा खरीदी गयी भूमि में वर्ष 2020 तक रेल कारखाना चालू कर देने के मिले आश्वासन पर क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी.
टीवी पर लोकसभा की कार्रवाई देख रहे लोगों ने तत्काल इसकी सूचना अन्य लोगों को दी, जिसके बाद डालमियानगर रोहतास उद्योग परिसर के कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ जिले के निवासियों के चेहरे खिल उठे.
लोगों को यह लगने लगा की देर आये दुरुस्त आये वाली कहावत अब इस मृत हो चुके उद्योग परिसर में कार्य रूप लेने जा रहा है. कभी भारत वर्ष के नंबर वन के उद्योग समूहों की श्रेणी में स्थान रखने वाला डालमियानगर उद्योग समूह परिसर में एक बार फिर ठक ठक व मशीनों की आवाज लोगों के कानों में गूंजने लगेगी.
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान रोहतास उद्योग समूह के खुलने की रेल मंत्री द्वारा कही गयी बात के बाद खुशी का आलम यह रहा कि डालमियानगर एकता चौक सहित शहर के कई हिस्सों में लोगों ने मिठाई बांट खुशी का इजहार किया. लोगों का मानना है कि स्वर्गीय रामकृष्ण डालमिया द्वारा वर्ष 1911 में शुरू की गयी उद्योग समूह की स्थापना में सबसे पहले डीआरएल की स्थापना की गयी.
तदोपरांत वर्ष 1920 में शुगर फैक्टरी,1930 में पेपर फैक्टरी, 1935 में सीमेंट फैक्टरी,1937 में एस्बेस्टस फैक्टरी, 1940 में वनस्पति फैक्टरी आदि अन्य छोटी बड़ी फैक्टरियां उद्योग समूह के एक ही परिसर में खोला गया. फैक्टरी के खुलने के बाद आसपास के इलाके सहित पूरे बिहार व देश के अन्य हिस्सों से यहां काम करने आने वाले परिवारों के घरों में खुशी लहराने लगी थी.
वर्ष 1984 में फैक्टरी के बंद होने के बाद करीब 30 करोड़ की लागत से वर्ष 1989 में फैक्टरी का पुनर्वास कार्य चला, लेकिन वर्ष 1995 में पुनः फैक्टरी बंद हो गयी. जिसके बाद फैक्टरी के लिक्विडेशन में चले जाने से क्षेत्र के लोग काफी निराश हो चुके थे.
उन्हें आशा की घूंट कई राजनेताओं ने पिलाई, लेकिन उद्योग समूह परिसर में कभी खुशी लौट कर नहीं आयी. केंद्र में नयी सरकार के गठन के बाद लोगों के बीच एक उम्मीद की किरण जगी थी, जो अब सत्य साबित होती दिख रही है. करीब 24 वर्षों के बाद डालमियानगर में रेल फैक्टरी खुलने से एक बार फिर पूरा इलाका हरा भरा हो जायेगा, ऐसा लोगों को अब लगने लगा है.
मुख्य कारखाना प्रबंधक हाजीपुर सह मुगलसराय मंडल रेल प्रबंधक एके मिश्रा ने बुधवार को स्वयं प्रस्तावित रेल कारखाना परिसर का निरीक्षण किया था. उन्होंने बताया कि कारखाना परिसर से कबाड़ हटाने का कार्य तीव्र गति से जारी है और लक्ष्य के अनुसार निर्धारित समय तक रेलवे का एजेंट व पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के रूप में कार्य कर रहे हैं.
राइट्स की देखरेख में कबाड़ हटाने का कार्य पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने उम्मीद जतायी कि बहुत जल्द यहां रेल वैगन निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा. शुरुआती दौर में प्रतिवर्ष 250 वैगन का निर्माण होगा, जो आगे चल कर 400 से 600 वैगन निर्माण कार्य तक पहुंच जायेगा. विदित हो कि वर्ष 2007 में रोहतास उद्योग समूह के एक बड़े फैक्टी के हिस्से को 140 करोड़ रुपये में रेलवे द्वारा खरीदा गया था, तब से यह फैक्टरी खोलने की आस लगाये लोग बैठे हैं.
सांसद के पूछे गये सवाल पर रेल मंत्री ने 2020 तक रेल कारखाना खोलने का दिया आश्वासन
2007 में रोहतास उद्योग समूह से फैक्टरी लगाने के लिए रेलवे ने खरीदा था 250 एकड़ फैक्टरी एरिया
खुशी में लोगों ने बांटीं मिठाइयां
लोकसभा में मंत्री द्वारा वर्ष 2020 में डालमियानगर में रेल कारखाना खोलने की बात कहते ही डेहरी डालमियानगर के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. लोगों ने डालमियानगर के एकता चौक व डेहरी बाजार में मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया. मिठाई बांटने वालों में समाजसेवी अरविंद उपाध्याय, जदयू के नगर अध्यक्ष मुमताज अंसारी, पूर्व युवा नगर अध्यक्ष प्रमोद महतो, युवा नेता लल्लू चौधरी, जदयू छात्र विंग के प्रदेश नेता अरुण शर्मा, दीपक शर्मा, बिट्टू महतो, अरुण चौधरी, कृष्णा प्रसाद, राजन चौधरी आदि प्रमुख हैं. उक्त नेताओं ने कहा कि चुनाव से पूर्व स्थानीय सांसद ने जो वादा किया था, वह पूरा होते दिख रहा है. वर्ष 2020 तक डालमियानगर में रेल कारखाना खुल जाने से क्षेत्र के हजारों युवाओं को काम मिलेगा, जिससे क्षेत्र में खुशहाली लौटेगी.
काराकाट सांसद की पहल की लोगों ने की सराहना
केंद्र में नयी सरकार के गठन के बाद चालू सत्र में काराकाट के सांसद महाबली सिंह द्वारा डालमियानगर में रेल कारखाना खोले जाने की कच्छप गति से जारी प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए अविलंब रेल फैक्टरी खोलने के लिए किये गये आग्रह पर रेल मंत्री द्वारा स्वयं इस संबंध में तत्परता दिखाते हुए जवाब में यह कहा जाना कि वर्ष 2020 तक रेल कारखाना शुरू हो जायेगी, लोगों की आशा को पूर्ण करता सा दिख रहा है.
क्षेत्र के निवासी विनय कुमार मिश्र उर्फ विनय बाबा, धनंजय पांडेय, ललित सिन्हा, डेहरी अनुमंडल विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष उमाशंकर पांडेय, डेहरी चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद, बबल कश्यप आदि ने इसके लिए स्थानीय सांसद के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि फैक्टरी के खुल जाने से क्षेत्र ही नहीं बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के किस्मत खुल जायेंगे. क्योंकि, इससे उत्पन्न होने वाले रोजगार का लाभ हजारों लोगों को मिलेगा.
