सासाराम ग्रामीण : दी सासाराम-भभुआ सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रमेश चंद्र चौबे की सदस्यता रद्द होने के बाद अब बकायेदार पूर्व पैक्स अध्यक्षों व सचिवों के बीच खलबली मचने लगी है. इसके बाद उनमें कार्रवाई में तेजी आने का डर सताने लगा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, चेयरमैन पर करीब 4.50 करोड़ रुपये का मामला बनता है, तो वही 15 पैक्सों के पूर्व अध्यक्षों व सचिवों पर करीब 15 करोड़ रुपये बैंक का बकाया है.
अब तक को-ऑपरेटिव बैंक के "20 करोड़ से अधिक बकाया
सासाराम ग्रामीण : दी सासाराम-भभुआ सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रमेश चंद्र चौबे की सदस्यता रद्द होने के बाद अब बकायेदार पूर्व पैक्स अध्यक्षों व सचिवों के बीच खलबली मचने लगी है. इसके बाद उनमें कार्रवाई में तेजी आने का डर सताने लगा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, चेयरमैन पर करीब 4.50 करोड़ रुपये का […]

यानी को-ऑपरेटिव बैंक का करीब 20 करोड़ रुपये उसके संचालक व सहयोगियों के यहां फंसा है, जिसकी वसूली के लिए पटना रजिस्ट्रार कोर्ट में अधिभार का मामला चल रहा है. इसमें कई बकायेदार पैक्स अध्यक्षों व सचिवों के विरुद्ध वारंट भी निर्गत हुआ है. पर, वारंट निर्गत होने के बाद भी अधिकतर के विरुद्ध कार्रवाई शून्य के बराबर है. बकाये रुपयों की वजह से बैंक की स्थिति चरमरायी है. इसी कड़ी में एक मामला नासरीगंज को-ऑपरेटिव शाखा का है.
जहां करीब 10.56 करोड़ रुपये की अनियमितता के मामले में कार्रवाई कहां तक पहुंची, इसे बताने में अधिकारी परहेज करते हैं. इन सभी के अलावा अन्य कई अनियमितताओं का उजागर होना बाकी है. यह सभी रुपये बैंक में वापस आ जाये, तो यह किसी सरकारी या निजी बैंकों से टक्कर लेने लगेगा. जो फिलहाल ऐसा होता दिख नहीं रहा है. अब तो चेयरमैन भी इसी जद में आ चुके हैं.