इंसानियत से जुड़ा है ईद का त्योहार गरीब लोगों को मिलती है मदद

नासरीगंज : ईद पर्व इंसानियत से जुड़ा पर्व है. व्यक्तित्व का निर्माण करने के लिए ही ईद का त्योहार बना है. धार्मिकता के साथ नैतिकता व इंसानियत की शिक्षा देने का यह विशिष्ट पहचान है. रमजान’ में हर व्यक्ति अपने जीवन में उन्नत मूल्यों की स्थापना का प्रयत्न करता है. इस्लाम के अनुयायी साल के […]

नासरीगंज : ईद पर्व इंसानियत से जुड़ा पर्व है. व्यक्तित्व का निर्माण करने के लिए ही ईद का त्योहार बना है. धार्मिकता के साथ नैतिकता व इंसानियत की शिक्षा देने का यह विशिष्ट पहचान है. रमजान’ में हर व्यक्ति अपने जीवन में उन्नत मूल्यों की स्थापना का प्रयत्न करता है. इस्लाम के अनुयायी साल के बाकी 11 महीनों में इसी अनुशासन का पालन कर ईश्वर के बताये रास्ते पर चलते हुए अपनी जिंदगी सार्थक व सफल बनाने का प्रयास करते रहे हैं.

नफीस, सलीम, इमरान, अलाउद्दीन, रिजवान, मोबिन अंसारी, एहसानुद्दीन, शमशाद अहमद प्रसवी, जब्बार खान, इसराइल खानसकील अहमद, श्यामूल हक, जब्बार खान, पिंटू अंसारी का मानना है कि आम दिनों के मुकाबले इस महीने 70 गुना पुण्य बढ़ जाता है.
हर मुस्लिम भाई इस एक माह अपने जीवन को पवित्र करने का प्रयास करते हैं. इस महीने कुरआन शरीफ अवतरित हुआ. वह कुरआन जिसके बताये रास्ते पर चल कर कोई भी लोक-परलोक में कामयाबी हासिल कर सकता है. लोगों ने कहा कि हजरत मोहम्मद ने यह उपदेश दिया है कि जो लोग साधन-संपन्न होते हैं उनका कर्तव्य है कि वे निर्धनों व कमजोरों की यथासंभव सहायता करें. उनकी खुशी निरर्थक है, यदि उनके सामने कोई कमजोर निर्धन है, जिसके पास खाने-पहनने को कुछ न हो.

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