सासाराम : नगर पर्षद में विधायिका व कार्यपालिका की अंदरूनी जंग का असर नगरवासियों पर पड़ने लगा है. नगर पर्षद कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर अड्डा रोड में सुबह से नाला का पानी उफन सड़क पर तालाब का नजारा पेश करता रहा. लेकिन, किसी ने इसकी सुध नहीं ली.
नाली जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बहने लगा. सड़क नीची होने के कारण तालाब का रूप ले लिया. आलम यह कि लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो गया.
किसी तरह किनारे नाली के पटिया पर पैर रख पार करने की कोशिश करते, तो जमे पानी में बाइक या कार चलने से गंदे पानी का छिटा उनके कपड़े खराब करता रहा. सबसे बड़ी बात है कि इसी रोड में शाहाबाद का सबसे पुराना शेरशाह सूर उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित है. जिसके छात्रों को स्कूल तक पहुंचने में परेशानी होते रही.
पुराने जीटी रोड पर आने का मुख्य मार्ग है अड्डा रोड : शहर के दक्षिणी क्षेत्र के मुहल्लों से कलेक्ट्रेट, पुरानी जीटी रोड, बस पड़ाव , रेलवे स्टेशन आदि प्रमुख जगहों पर जाने के लिए अड्डा रोड प्रमुख मार्ग है.
यहां नाली की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होने से हर माह दो माह में सड़क तालाब बन जाता है. ऐसे में लोग परेशान होते हैं. उन्हें चंद मीनट का रास्ता छोड़ लम्बी दूरी तय करना पड़ता है. रास्ता बदलने के कारण जाम की समस्या से भी जूझना पड़ता है.
अड्डा रोड में स्टेश्नरी व खेलकूद के अलावा कई तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं. कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर यहां की सड़क तालाब बन जाती है. ऐसे में व्यवसाय प्रभावित होता है. दुकानदार रोशन, राजेश, आलम ने बताया कि नाली का पानी हमे परेशान किये हुए है. कुछ कुछ दिनों पर यह समस्या आ जाती है. नगर पर्षद इसका स्थायी समाधान नहीं कर पा रही है. सड़क पर गंदा पानी होने से ग्राहक दुकान पर आना नहीं चाहते हैं. ऐसे में हमारी दुकानदारी मारी जाती है.
