विराट कोहली के संन्यास लेने से एक युग का अंत
जिला खेल संघ
पूर्णिया. जिला खेल संघ ने भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज एक युग का अंत हो गया. विराट कोहली जिस अंदाज में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत कर अंत किया. वह युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणादायक रहा. सबसे बड़ी उनकी खासियत यह रही की विपरीत परिस्थिति में संयमित ढंग से अपने बल्लेबाजी का जौहर दिखाये और एक अनुशासित खिलाड़ी के रूप में अपनी को स्थापित किया. मैदान के अंदर उनकी फिटनेस लाजवाब थी और जो उनके अंदर जुनून वह काबिले तारीफ. किंग कोहली के नाम से मशहूर विराट कोहली 14 वर्ष के लंबे टेस्ट करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखा लेकिन कभी हार नहीं माना यही उनकी सबसे बड़ी खासियत थी. खेल संघ के अध्यक्ष गौतम वर्मा, सचिव अजीत सिंह, उपाध्यक्ष अचिंतो कुमार बोस, कोषाध्यक्ष एम रहमान, सदस्य रीना बाखला, मिथिलेश पोद्दार, अमर भारती आदि ने कहा कि उनका टेस्ट जीवन स्मरणीय रहेगा और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देता रहेगा. लेकिन यह अच्छी बात है कि वह वन डे और 20-20 मैच खेलते रहेंगे. संघ के संरक्षक नीलम अग्रवाल ने कहा कि विराट कोहली की धैर्य एकाग्रता और अनुशासन से बल्लेबाजी करना जैसी कला को युवा खिलाड़ियों को सीख लेने की आवश्यकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
