पूर्णिया. कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह अब नयी टीम के साथ पूर्णिया विवि को आगे बढ़ाएंगे. जैसे-जैस टीम में शामिल पदाधिकारियों का खुलासा होता जायेगा वैसे-वैसे लक्ष्य भी खुद ही स्पष्ट हो जाएंगे. इसकी शुरुआत चैत्र विजयादशमी से कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह ने की है. 7 अप्रैल को जब शोभायात्रा में पूरा सीमांचल तल्लीन था तभी पूर्णिया विवि ने भी नये सफर का संदेश दिया. एक साथ परीक्षा नियंत्रक समेत आधा दर्जन पदों पर नये पदाधिकारियों को काबिज कर दिया गया. प्रो. ए के पांडेय के बदले प्रो अरविंद कुमार वर्मा को परीक्षा नियंत्रक की कमान देने की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. मगर इस चर्चा में डॉ. एस एन सुमन को विवि के पदों से मुक्त किया जाना दब गया. दरअसल, डॉ. एस एन सुमन प्रथम कुलपति प्रो. राजेश सिंह के समय से सीसीडीसी के पद पर थे. कुछ महीने पहले ही उनकी जगह प्रो. एस के सुमन को सीसीडीसी बनाया गया था. अब डॉ. एस एन सुमन को इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज (साइंस) के दायित्व से मुक्त किया गया है. उनकी जगह डॉ. गोपाल कुमार इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज (साइंस) बनाये गये हैं. यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब यूजी में संबद्धता को लेकर करीब दर्जनभर संस्थानों का निरीक्षण कर विवि को प्रतिवेदन भेजना है. ऐनवक्त पर किया गया यह बदलाव भी काफी चौंकानेवाला है. हालांकि यह बात जरूर है कि पूर्णिया कॉलेज पर विवि की निर्भरता अभी कायम रहेगी. यही कारण है कि ताजा बदलाव में पूर्णिया कॉलेज के तीन शिक्षकों को विवि में अहम जवाबदेही दी गयी है. इनमें प्रो राकेश को एस्टेट ऑफिसर, प्रो. ज्ञानदीप गौतम को असिस्टेंट रजिस्ट्रार एडमिन टू और प्रो. सुनील कुमार को बजट एवं पेंशन पदाधिकारी का दायित्व दिया गया है. फोटो 8 पूर्णिया 8 परिचय- प्रो. विवेकानंद सिंह, कुलपति, पूर्णिया विवि
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