अमौर. अमौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरबट्टा पंचायत के वार्ड संख्या 07 में रविवार देर रात भीषण अगलगी ने भारी तबाही मचायी. इस भीषण अग्निकांड में कुल 16 परिवारों के घर जल गये. घटना में करीब 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है. वहीं कई मवेशियों की भी झुलसने से मौत हो गयी है. मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की रात लगभग 11:30 बजे स्थानीय निवासी मोहम्मद जहीर के घर में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और लपटों ने आसपास के घरों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया. गहरी नींद में सोये ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास किया और कई लोगों ने अपने घरों को बचाने के लिए खुद ही उन्हें तोड़कर गिरा दिया ताकि आग आगे न फैले. इसके बाद सूचना अग्निशामक को दी गयी. घटना की सूचना मिलते ही अमौर थाना से अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंचा. दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक 16 परिवारों का सब कुछ जल चुका था. हालांकि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चला है.
शॉर्ट-सर्किट की वजह से हादसे की आशंका
आशंका जतायी जा रही है कि यह हादसा बिजली के शॉर्ट-सर्किट की वजह से हुआ है. इस त्रासदी में पीड़ितों के पास अब शरीर पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा है. इसमें अनाज, बर्तन, वस्त्र, कीमती फर्नीचर और एक बाइक, महिलाओं के सोने-चांदी के जेवर भी आग की भेंट चढ़ गये.घर में बंधे कई मवेशी आग की चपेट में आकर मारे गये. इस घटना में मो मोहीब, मो मनोवर, मो तसब्बर, मो जहीर, मो राहुल, मो महोबत, मो बाबुल, मो जुबेर, मो मोबीन, मो मोबीद, मो ताजीम, मो अजीम, मसोमात अमना, मसोमात नजमति, मो बेचन और मो दबीर के घर जले हैं .मुखिया अजहर आलम, पंचायत समिति सदस्य नियाज़ आलम एवं सरपंच अतिकुर रहमान ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को ढांढ़स बंधाया. उन्होंने अमौर अंचल प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को अविलंब तिरपाल और भोजन जैसी तत्काल राहत उपलब्ध करायी जाये. क्षति का सही आकलन कर आपदा अनुदान के तहत उचित मुआवजा दिया जाये. बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाये. वर्तमान में सभी पीड़ित परिवार खुले में रहने को विवश हैं और सरकारी मदद की आस लगाये बैठे हैं. अंचलाधिकारी धीरेन्द्र कुमार और राजस्व अधिकारी कृष्ण मोहन राय भी मौके पर पहुंचे. घटना की मुआयना किया और पीड़ित परिवार के बीच प्लास्टिक शीट का वितरण किया. इसके साथ ही सरकारी अनुदान देने की बात कही.
