जीएमसीएच में होंगे बदलाव, लिफ्ट होंगी चालू

लिफ्ट होंगी चालू

By SATYENDRA SINHA | January 2, 2026 7:18 PM

पूर्णिया. वर्ष 2026 का आगमन हो चुका है. इस साल राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में मरीजों की सुविधा के क्षेत्र में कुछ बदलाव नजर आने की संभावना है. हालांकि बीते तीन वर्षों के बीच जीएमसीएच में दी जा रही सुविधाओं का काफी कुछ विस्तार किया गया है. नयी बिल्डिंग में अलग अलग विभागों के लिए ओपीडी में स्थान, महिला वार्ड, ईएनटी, आई विभाग के साथ साथ सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा आदि का क्रमवार विकास हुआ है. दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए तीसरे बैच के एडमिशन के साथ साथ इसी सत्र में पीजी स्तर के दो विषयों गायनी एवं पेडिया के लिए डीएनबी कोर्स भी शुरू किये गये हैं. हालांकि अभी भी काफी कुछ किया जाना बाकी है. यहां फेकल्टी प्राध्यापकों की कमी और उपलब्ध संसाधनों के बल पर विकास के कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है. इसी कड़ी में यह नया वर्ष भी नयी उम्मीदों को लेकर आया है.

पुरानी बिल्डिंग में चल रहे बच्चा वार्ड को नए भवन में मिलेगी जगह

जानकारी के अनुसार जीएमसीएच में पूर्व से चल रहे बच्चा वार्ड को जल्द ही नए भवन में शिफ्ट किये जाने की तैयारी चल रही है. नए भवन में 30 बेड वाले इस बच्चा वार्ड में सभी जरुरी संसाधन उपलब्ध होंगे. फिलहाल सदर अस्पताल के समय में ही तैयार किये गये पुराने भवन में इसका संचालन किया जा रहा है. इसके अलावा नए भवन में सीढियों के अलावा उपरी मंजिलों पर स्थित ओपीडी तक जाने के लिए इस वर्ष लिफ्ट की भी सुविधा बहाल होने की उम्मीद है.

एसएनसीयू की जगह ले सकता है एनआईसीयू-पीआईसीयू

जीएमसीएच में जन्म के बाद कमजोर नवजात बच्चों के लिए पूर्व से चल रहे एसएनसीयू की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आईएमसी द्वारा तय दिशानिर्देश के तहत इसे मेडिकल कॉलेज के नए भवन में निकू-पीकू (एनआईसीयू-पीआईसीयू) के रूप में पूर्ण किये जाने की दिशा में भी कार्य चल रहा है संभावना है कि इस नये साल में यह सेंटर यहां कार्य करने लगे.

मरीजों के परिजनों के लिए धर्मशाला की व्यवस्था सुनिश्चित होने की संभावना

जीएमसीएच के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए रहने के लिए प्रस्तावित धर्मशाला का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है. इसमें लगभग चार से पांच हॉल का निर्माण किया गया है. इसके शुरू हो जाने से अमूमन 200 से 250 लोगों के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित हो जायेगी. फिलवक्त मरीजों के परिजनों के लिए वार्ड में भर्ती मरीज के निकट अथवा अस्थायी शेड ही सहारा है जहां विपरीत मौसमों में उन्हें अत्यधिक परेशानी उठानी पड़ती है.

बोले अधीक्षक

जीएमसीएच के नये भवन में कार्य धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है. वाहन पार्किंग स्थल का क्षेत्र पूर्ण रूप से हैंडओवर हो गया है अब वहां दो पहिया और चार पहिया वाहनों की निःशुल्क पार्किंग कराई जा रही है. इस नए साल में बच्चा वार्ड को पहले शिफ्ट किये जाने की योजना है. इसके अलावा धर्मशाला का भी काम पूर्ण हो गया है आवागमन के लिए मार्ग क्लियर होते ही यह सुविधा भी उपलब्ध होगी. सम्भावना है कि इस वर्ष एनआईसीयू-पीआईसीयू भी बनकर क्रियाशील हो जाए.

डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक जीएमसीएच

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