बदइंतजामी: हाशिये पर चली गयी है पूर्णिया में एम्बुलेंस की व्यवस्था

दर्जन भर से ज्यादा एम्बुलेंस को बदले जाने की है जरूरत

दर्जन भर से ज्यादा एम्बुलेंस को बदले जाने की है जरूरत

पुराने हो चुके एम्बुलेंस से बंधी है लोगों के जीवन की उम्मीद

पूर्णिया. जिले में स्वास्थ्य सेवा का विस्तार और आम लोगों तक सहज चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में स्वास्थ्य विभाग भले ही अपना दावा कर ले लेकिन कुछ व्यवस्था ऐसी हैं जो हाशिये पर चली गयी है. बताते चलें कि जिले के विभिन्न प्रखंडों सहित मुख्यालय में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाली एम्बुलेंस की संख्या तीन दर्जन से ज्यादा है इनमें तीन मोर्चुरी वाहनों के अलावा एडवांस लाइफ सपोर्ट एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट वाले एम्बुलेंस भी शामिल हैं. इनमें दर्जन भर से ज्यादा एम्बुलेंस की स्थिति बेहद दयनीय है और उन्हें बदले जाने की जरुरत है. ये वो एम्बुलेंस हैं जिनकी अवधि तीन चार साल से ज्यादा की हो गयी है और इनमें से ज्यादातर अमूमन दो लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं जबकि मिली जानकारी के अनुसार 8 वर्ष पूर्ण अथवा डेढ़ लाख किलोमीटर पार कर चुके एम्बुलेंस का उपयोग आपात स्थिति के लिए नहीं किया जा सकता. वहीं कुछ ऐसे भी एम्बुलेंस चल रहे हैं जो लगभग साढे चार लाख किलोमीटर तक चल चुके हैं.

हर माह 4 हजार से ज्यादा लोग लेते हैं सेवा

मिली जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों से अमूमन 4 हजार से लेकर 4500 मरीजों द्वारा प्रतिमाह एम्बुलेंस सेवा का लाभ लिया जाता है. इनमें लगभग 80 से 90 प्रतिशत जिला मुख्यालय तो 10 से 20 प्रतिशत मरीज जिले से बाहर इलाज के लिए भेजे जाते हैं. खासकर अमौर, बायसी, डगरुआ, भवानीपुर, रुपौली, बडहाडा कोठी, धमदाहा आदि प्रखंडों से अधिक संख्या में मरीज एम्बुलेंस के द्वारा जीएमसीएच लाये जाते हैं. कुछ एम्बुलेंस में मेकेनिकल इनवर्टर इश्यु है तो किसी में पोर्टेबल वेंटिलेटर, कार्डियक मोनिटर एवं अन्य एपरेटस के मेंटेनेंस की जरुरत. कई बार बीच रास्ते में भी खराबी आ जाती है. बताते चलें कि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में दो एएलएस, पांच बीएलएस एवं 3 मोर्चुरी वैन सहित कुल 10 एम्बुलेंस चल रहे हैं. इसके अलावा जिले के सभी 14 प्रखंडों के विभिन्न अस्पतालों में भी एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है. इनमें से कई एम्बुलेंस को मरम्मती अथवा रिप्लेस करने की जरुरत है.

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बोलते आंकड़े

जिले में कुल एम्बुलेंस की संख्या – 41 मोर्चुरी एम्बुलेंस – 3 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एम्बुलेंस – 14 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एम्बुलेंस – 24

बोले पदाधिकारी

प्रथम लॉट में जो भी एम्बुलेंस आये थे उनकी स्थिति ठीक नहीं है. सिविल सर्जन द्वारा निरीक्षण के बाद विभाग को वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए पत्र भेजा जा चुका है. कुछ एम्बुलेंस की मांग भी की गयी है. दूसरी ओर मेंटेनेंस करने वाली कंपनी द्वारा समय पर इनके मेंटेनेंस नहीं किये जाने को लेकर भी विभाग से पत्राचार किया गया है. फिलहाल फिटनेस प्राप्त एम्बुलेंस से मरीजों को सुविधा प्रदान की जा रही है.

एसके दास, डीपीएम जिला स्वास्थ्य समिति

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