किशनगंज-जलालगढ़ व कुरसेला-बिहारीगंज रेल लाइन को मिला 170 करोड़ का फंड
किशनगंज-जलालगढ़ व कुरसेला-बिहारीगंज
पप्पू यादव ने कहा- 10 बार सदन में उठाया मामला, पांच बार मंत्री से मिलकर बनाया दबाव पूर्णिया. किशनगंज-जलालगढ़ और कुरसेला-बिहारीगंज रेल लाइन परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 170.8 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दी है. इस पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा 2024 के चुनाव के बाद से मैंने 10 बार सदन में यह मुद्दा उठाया और 5 बार रेल मंत्री से मुलाकात की तब जाकर यह फंड मिला. यादव ने पूर्व सांसद पर निशाना साधते हुए कहा, वो बतायें कि अपने 10 साल के कार्यकाल में उन्होंने कितनी बार इस रेल लाइन के लिए आवाज उठाई? बिहारीगंज-कुर्सेला लाइन के लिए हमारे समय में फंड आया था, जो उनके कार्यकाल में वापस हो गया तब उनकी आवाज कहां थी? उन्होंने कहा कि समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत कोशी-सीमांचल को जोड़ने वाली कुरसेला-बिहारीगंज प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना का आधारशिला के दो दशक बीतने के बाद भी यह परियोजन अधर में लटका रहा. . इस रेल परियोजना का तात्कालीन रेलमंत्री रामविलास पासवान ने 1998 में रेल मंत्रालय द्वारा भूमि का सर्वे कराया गया था. इसकी आधारशिला कुरसेला में वर्ष 1999 में रखी गई थी. वर्ष 2008-2009 में तात्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद भी कुरसेला-बिहारीगंज के बीच नई रेल मार्ग को रेल बजट में पारित किया थाऔर फ़रवरी 2009 में रुपौली में इस परियोजना का शिलान्यास किया था..उन्होंने कहा कि कुरसेला-बिहारीगंज रेल लाइन परियोजना के लिए यथाशीघ्र धनराशी उपलब्ध कराने और किसी भी प्रकार से रेलवे बोर्ड द्वारा लगायी गयी रोक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग की थी. सांसद ने कहा कि पूर्वोत्तर बिहार के लिए लाइफलाइन मानी जाने वाली सुपौल-गलगलिया अररिया रेल लाइन है, जिसके निर्माण से स्थानीय आबादी को रोजी-रोजगार के बहुत से साधन उपलब्ध हो सकता है. हमने इसके लिए भी पत्र लिखकर अररिया से गलगलिया रेल लाइन परियोजना का काम शुरू करने का आग्रह सरकार से किया था. उन्होने कहा कि इस रेल परियोजना से क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है.यह क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होगी.
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