चांद के इस्तकबाल के लिए उठ गए हाथ, दीदार कर बटोरा सवाब
देर रात तक चला मोबाइल, इंटरनेट से ‘ईद मुबारक’ का सिलसिला
पूर्णिया. माहे मुकद्दस का महीना आखिरकार रुखसत हो गया. अकीदतमंदों ने शव्वाल का चांद देखने की के लिए शाम से ही इंतजार करने लगे. फिर चांद का दीदार भी किया. कहते हैं आज की रात का चांद बहुत नाजुक, बारीक और हसीन होता है. सभी की निगाहें ईद का पैगाम देने वाले चांद को निहार रही थी. चांद के दीदार के लिए तमाम हाथ इस्तकबाल के लिए उठ गए और दुआएं मांगी जाने लगीं. फिर, लोगों ने एक दूजे को ईद की मुबारकबाद दी. देर रात तक लोगों ने मोबाइल, इंटरनेट, व अन्य माध्यमों से हैप्पी ईद कहा. लोगों ने अल्लाह तआला से पूरी दुनिया में अमन चैन के लिए दुआएं मांगी. ईद शनिवार को मनायी जाएगी. अलबत्ता एक तरफ लोगों में ईद को लेकर खुशी थी जबकि दूसरी तरफ पाक महीने रमजान के रुखसत होने का मलाल भी था. चांद का ऐलान होते ही मस्जिदों में एतकाफ में बैठे लोग अपने घरों को लौट गए और परिजनों से मिलकर ईद की मुबारकबाद दी. मस्जिदों से लौटते ही लोग ईद त्योहार की तैयारी में जुट गए. इधर, ईद के इस्तकबाल के लिए एक तरफ बाजार गुलजार हो उठा तो दूसरी तरफ घरों में मेहमानवाजी की तैयारी तेज हो गई. देर रात तक सेवई लच्छे, ड्राई फ्रूट, दूध बूथों, चिकेन, मटन, कपड़े व श्रृंगार की दुकानों पर भीड़ जमा थी. लाइनबाजार, खजांची हाट, बाड़ीहाट, राजाबाड़ी, रामबाग, खुश्कीबाग, गुलाबबाग आदि इलाकों में लोग खरीदारी करते रहे. टोपी, कुरता, इत्र आदि की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड थी. महिलाएं रात से ही पारंपरिक व्यंजनों को बनाने में जुट गई. ईद की तैयारियों में सबसे ज्यादा घर की महिलाएं व्यस्त है जो घर की साफ-सफाई से लेकर बच्चों के लिए खरीदारी कर रही हैं. जहां महिलाएं नए सूट्स, चूडियां, ज्वैलरी, मेकअप और घर सजाने का सामान खरीदने में मशगूल है वहीं पुरुष बच्चों के लिए ट्रेडिशनल कुर्ते-पायजामा, सेवइयां, मिठाइयां और कुछ स्पेशल तोहफे भी खरीद रहे हैं.
—————————यहां पढ़ी जाएगी ईद की नमाज
होस्पीटल ईदगाह- 7.00 बजे सुबह
खुल्फाई राशेदिन मदरसा- 7.15 बजे सुबहसिपाही टोला – 7.15 बजे सुबह
सज्जादिया ईदगाह – 7.45 बजे सुबहगुलाबबाग ईदगाह-8.30 बजे सुबह
खुश्कीबाग ईदगाह- 8.30 बजे सुबहललयछौनी रामबाग- 8.30 बजे सुबह
जामा मस्जिद के हाट 9.00 बजे सुबहमहबूब खान टोला – 9.00 बजे सुबह