पूर्णिया में चरम पर है शीतलहर का सितम, बर्फीली हवा ने बढायी ठिठुरन, ऑरेंज अलर्ट

बर्फीली हवा ने बढायी ठिठुरन, ऑरेंज अलर्ट

पूर्णिया. शहर समेत पूरे जिले में शीतलहर का सितम अब चरम पर है. बर्फीली हवाओं के कारण एक तरफ जहां ठिठुरन बेतहाशा बढ़ गई है वहीं दूसरी ओर तापमान में भी गिरावट आ रही है. शीतलहर, तेज ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने पूरे जिले में जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है. मौसम विज्ञानियों की मानें तो मकर संक्रांति से राहत मिलने की उम्मीद बन रही है. वैसे, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 11 जनवरी के बाद से लोगों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है. इस दौरान कोहरे में कमी आएगी जबकि कोल्ड डे का असर भी कम होगा. वैसे, मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है. इस बीच पूर्णिया में मौसम का अधिकतम तापमान 13.6 एवं न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. गौरतलब है कि बदले हुए मौसमी सिस्टम के कारण पूरा पूर्णिया पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड और शीतलहर की भीषण चपेट में है. तापमान लुढ़क कर सामान्य से नीचे चला जा रहा है. धूप के दर्शन दुर्लभ हो गये हैं जबकि बर्फीली हवा हड्डियों को बेध रही है. आलम यह है कि रात ही नहीं पूरे दिन लोग ठिठुरन महसूस कर रहे हैं. धूप नहीं निकलने के कारण लोगों का हाल बेहाल है. नतीजतन, लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि रजाई, कंबल और हीटर के इस्तेमाल के बावजूद लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं. मौसम विभाग ने अभी तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताते हुए बचाव को लेकर चेतावनी जारी की है और कहा है कि तत्काल इस कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.

ठंड से बेहाल हैं लोग

ठंड का सबसे ज्यादा असर खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेघर लोगों, रिक्शा चालकों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है. इनके लिए यह मौसम किसी आपदा से कम नहीं है. सबसे बड़ी परेशानी उनके लिए यह है कि अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है. सार्वजनिक स्थलों और चौक-चौराहों पर वे ठंड से ठिठुर रहे हैं. सुबह और शाम के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. भीषण ठंड के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की परेशानी बढ़ गई है. अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की भीड़ बढ़ रही है. ठंड का असर बाजारों पर भी दिख रहा है. शाम होते ही सन्नाटा छा जाता है और दुकानें समय से पहले बंद हो रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh chandra

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >