बिहार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था में एक बहुत बड़ी प्रशासनिक चूक और अनियमितता का मामला सामने आया है. पूर्णिया जिले में चलाए गए वार्षिक जीवन प्रमाणीकरण (Life Verification) अभियान के दौरान कुल 25,215 ऐसे पेंशनधारियों की पहचान की गई है, जिनका काफी पहले निधन हो चुका है. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि मृत्यु के महीनों बाद भी सरकारी तंत्र द्वारा इन मृत व्यक्तियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि लगातार भेजी जाती रही. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी (DM) अंशुल कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है और मृत्यु की तिथि के बाद खातों में अंतरित की गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली का सख्त फरमान जारी कर दिया है.
ई-लाभार्थी पोर्टल पर लगे 'डेथ मार्क', अब पाई-पाई होगी रिकवर
जीवन प्रमाणीकरण अभियान के दौरान यह भारी-भरकम आंकड़ा सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. यद्यपि इन सभी 25,215 अपात्र लाभार्थियों को अब 'ई-लाभार्थी पोर्टल' पर विधिवत ‘डेथ मार्क’ कर पेंशन का आगामी भुगतान रोक दिया गया है, लेकिन पूर्व में भेजे गए सरकारी धन का हिसाब तय किया जा रहा है. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अंचल और प्रखंड स्तर पर यह जांच की जाए कि किसी व्यक्ति की मृत्यु किस तारीख को हुई और उसके बाद कितने महीनों तक खाते में पेंशन क्रेडिट हुई. पूरी गणना के बाद संबंधित बैंक खातों और लाभ उठाने वालों से सरकारी धन की शत-प्रतिशत वसूली की जाएगी.
धमदाहा और पूर्णिया पूर्व में सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा, देखें प्रखंडवार आंकड़े
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिले में मृत पेंशनधारियों की सर्वाधिक संख्या धमदाहा प्रखंड में पाई गई है, जहां 2,371 मृत व्यक्ति पेंशन सूची में दर्ज थे. इसके बाद पूर्णिया पूर्व ग्रामीण क्षेत्र में 2,230 और बनमनखी ग्रामीण में 2,154 मामले सामने आए हैं.
| प्रखंड / नगर निकाय | चिन्हित मृत पेंशनधारी | प्रखंड / नगर निकाय | चिन्हित मृत पेंशनधारी |
| धमदाहा | 2,371 | अमौर | 1,297 |
| पूर्णिया पूर्व (ग्रामीण) | 2,230 | डगरुआ | 1,168 |
| बनमनखी (ग्रामीण) | 2,154 | कसबा (ग्रामीण) | 1,156 |
| रूपौली | 2,117 | पूर्णिया नगर निगम | 1,098 |
| बनमनखी (नगर परिषद) | 1,744 | श्रीनगर | 1,088 |
| बड़हरा कोठी | 1,728 | जलालगढ़ | 858 |
| के. नगर (कृत्यानंद नगर) | 1,699 | कसबा (नगर परिषद) | 830 |
| बायसी | 1,472 | भवानीपुर | 785 |
| बैसी | 1,420 | कुल आंकड़ा | 25,215 |
बैंकों की भी तय होगी जवाबदेही, एलडीएम को मिला टास्क
गलत तरीके से ट्रांसफर की गई राशि को वापस सरकारी खजाने में लाने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को संबंधित बैंक शाखाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया है. अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) को सभी बैंकों के साथ बैठक कर खातों से होल्ड और रिवर्सल की प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है. वसूली की गई राशि सरकारी खाते में जमा कराने के उपरांत इसका विधिवत ‘राशि वापसी प्रमाण पत्र’ जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के माध्यम से सीधे सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, पटना को भेजा जाएगा.
साप्ताहिक समीक्षा और अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
डीएम अंशुल कुमार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी बीडीओ को पंचायतवार और योजनावार प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने और रिपोर्ट सीधे डीएम कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है. इस साप्ताहिक रिपोर्ट में कुल मृत पेंशनधारियों की संख्या, पोर्टल पर डेथ मार्क की वास्तविक स्थिति, अब तक वसूल की गई राशि और लंबित मामलों का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होगा. कोताही बरतने वाले कर्मियों और अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई तय मानी जा रही है.
