सीमांचल कैंसर के खौफनाक चंगुल में, नौ माह में सौ से ज्यादा रोगी चिह्नित

नौ माह में सौ से ज्यादा रोगी चिह्नित

विश्व कैंसर दिवस चार फरवरी पर विशेष

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ओरल कैंसर के साथ महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के भी बढ़ गये हैं मामले

सामने आ रहा है तम्बाकू, गुटखा और तरह-तरह के पान मसालों के सेवन का दुष्परिणाम

पूर्णिया. अगर आप गुटखा, तम्बाकू और इस तरह के नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे हैं तो सावधान,आपका जीवन खोखला हो रहा है और मौत करीब आ रही है. आलम यह है कि पूर्णिया समेत पूरा सीमांचल कैंसर के खौफनाक चंगुल में है. जी हां, जिले में बढ़ते कैंसर मरीजों की संख्या बेहद चिंताजनक है. इनमें सबसे ज्यादा माउथ कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ रही है. जीएमसीएच में प्रतिदिन ऐसे लोगों का आना जारी है जिनके द्वारा गुटखा सेवन की वजह से उनका मुंह पूरा नहीं खुलता. अमूमन इस अवस्था को कैंसर के शुरूआती लक्षण कहे जाते हैं. चिकित्सकों की माने तो मुंह और जबड़े के कैंसर के लिए मुख्य रूप से तम्बाकू का सेवन. खैनी, गुटखा जिम्मेवार है. इतना ही नहीं, तरह-तरह के पान मसालों के निरंतर प्रयोग से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. इनके अलावा सामान्य तौर पर फेफड़े, लीवर, किडनी या अन्य आतंरिक अंगों में भी इस रोग के पनपने के कई कारण हो सकते हैं. महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के अलावा युटेरस और सर्वाइकल कैंसर के मामले भी चौंकाने वाले हैं.

गौरतलब है कि जीएमसीएच में कैंसर संभावित मरीजों की पहचान ओपीडी में स्क्रीनिंग के जरिये की जाती है और पाए गये लक्षणों के आधार पर टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है. जिसका बायोप्सी टेस्ट के पश्चात कैंसर के स्टेज का निर्धारण किया जाता है. सामान्य मामलों में मरीजों का उपचार यहीं किया जाता है जिसमें विशेष निगरानी ओन्कोलोजी चिकित्सक द्वारा की जाती है फिलहाल होमी भाभा कैंसर संस्थान की निगरानी में जीएमसीएच के कैंसर डे केयर वार्ड में केमोथेरेपी के लिए 10 बेड लगे हैं प्रत्येक दिन डे केयर सेंटर सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक कार्यरत है जिसमें केमोथेरेपी के साथ साथ ड्रेसिंग, कांसेलिंग और एडवाइस भी दिए जाते हैं. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में समय समय पर निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का भी आयोजन किया जाता है. इस दौरान संभावित कैंसर को लेकर लोगों की मुफ्त में स्क्रीनिंग तथा चिकित्सक की सलाह पर उनका सैम्पल लिया जाता है. चिकित्सकों का ये भी कहना है कि शुरूआती समय में ही इनकी पहचान हो जाने पर इलाज संभव है. ज्यादातर लोग शुरूआती लक्षणों को समझ नहीं पाते और बाद में इसका परिणाम गंभीर हो जाता है.

88 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 276 मामले कन्फर्म

राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में कैंसर विभाग की स्थापना वर्ष 2022 के अक्टूबर माह से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 88 हजार 723 लोगों में संभावित कैंसर को लेकर उनकी स्क्रीनिंग की गयी जिसमें 795 लोग अत्यधिक खतरे के ज़ोन वाले कैंसर संभावित पाए गये जिनमें से बायोप्सी टेस्ट के बाद जीएमसीएच में 276 मामले कन्फर्म किये जा चुके हैं.

9 महीने में पाए गये 105 कैंसर के मरीज

जीएमसीएच में विगत लगभग तीन वर्षों में भले ही कुल 276 कैंसर मरीजों की पुष्टि की गयी है लेकिन यहां बीते 9 माह में 19 हजार 460 लोगों में कैंसर संभावित की गयी स्क्रीनिंग पर अगर कैंसर मरीजों की संख्या का अवलोकन किया जाय तो मार्च 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 105 कैंसर के कन्फर्म मामले इस 9 माह में सामने आये हैं. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि कितनी तेजी से कैंसर लोगों को अपनी आगोश में ले रहा है.

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बोलते कन्फर्म आंकड़े

ओरल कैंसर मरीजों की कुल संख्या – 142

ब्रेस्ट कैंसर मरीजों की कुल संख्या – 50

सर्विक्स कैंसर मरीजों की कुल संख्या – 20

अन्य मामलों में कैंसर मरीजों की कुल संख्या – 64

केमोथेरेपी के साथ साथ ड्रेसिंग, कांसेलिंग और एडवाइस भी

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संभावित कैंसर के लक्षण

मुह के जबड़े का कम खुलना

मुंह में ज्यादा दिनों के सफेद छाले अथवा ठीक नहीं हो रहे घाव

महिलाओं में स्तनों का असामान्य उभार या गिल्टी

बच्चेदानी के मुंह की शिकायत

सफेद पानी का जाना

स्क्रीनिंग कैंप का भी किया जाता है आयोजन

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बोले मेडिकल अधिकारी

दिनोदिन कैंसर मरीजों की बढती संख्या चिंताजनक है. समय रहते इसका पता चल जाने से इसे रिकवर किया जा सकता है. इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा. विभिन्न प्रकार के नशे के सेवन से दूर रहते हुए शुरूआती लक्षणों के आधार पर जीएमसीएच के ओपीडी में स्क्रीनिंग करवाने से इसकी पहचान और इलाज संभव है.

डॉ. सुभाष कुमार, एनसीडी विभाग, जीएमसीएचफोटो. 3 पूर्णिया 8- राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पूर्णिया

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