स्कूल में बच्चों ने सीखे आपदा से बचाव के गुर, घर जाकर सबको सिखाएंगे

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को वज्रपात से बचाव के लिए उकड़ू-मुकड़ू बैठने की मॉकड्रिल कराई गई. इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.

पूर्णिया के बीकोठी से अरविंद कुमार जायसवाल की रिपोर्ट:

पूर्णिया: मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मई माह के तीसरे शनिवार को पूर्णिया जिले के बड़हराकोठी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय ओरलाहा में प्राकृतिक आपदाओं से बचाव को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.

इस दौरान वज्रपात (ठनका), आंधी और चक्रवाती तूफान से होने वाले खतरे और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी छात्रों को दी गई. प्रधानाध्यापक राहुल कुमार रंजन ने चेतना सत्र और कक्षा में बच्चों को विस्तार से बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से पूरी तरह बचा तो नहीं जा सकता, लेकिन सावधानी अपनाकर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है.

मॉकड्रिल से सिखाया गया बचाव

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को वज्रपात से बचाव के लिए उकड़ू-मुकड़ू बैठने की मॉकड्रिल कराई गई. इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.

बच्चों को दी गई महत्वपूर्ण सलाह

  • मौसम विभाग की चेतावनियों को रेडियो, टीवी और समाचार माध्यमों से ध्यान से सुनें
  • वज्रपात और तूफान के समय पक्के मकान की शरण लें
  • घर के निचले हिस्से में रहें और कांच की खिड़कियों-दरवाजों से दूर रहें
  • बिजली उपकरणों और मोबाइल का उपयोग न करें
  • खुले में हों तो पेड़, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहें
  • खेतों में होने पर तुरंत उकड़ू-मुकड़ू बैठ जाएं

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को आपदा के समय सुरक्षित रहने के व्यवहारिक तरीके सिखाना था, ताकि वे न केवल स्वयं जागरूक बनें बल्कि घर जाकर अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक कर सकें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shruti Kumari

Shruti Kumari is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >