पूर्णिया के आरएनसाव चौक का श्री राम जानकी महावीर मंदिर है आस्था का केंद्र, कोर्ट जाने से पहले जीत की मन्नत मांगते हैं भक्त

Ram Janki Mahavir Temple: पूर्णिया के व्यस्ततम चौराहे पर स्थित यह ऐतिहासिक हनुमान मंदिर न केवल शहरवासियों की अगाध आस्था का केंद्र है, बल्कि कानूनी अड़चनों और कोर्ट-कचहरी के मुकदमों से मुक्ति के लिए भी भक्त यहां हाजिरी लगाना नहीं भूलते.

Ram Janki Mahavir Temple: पूर्णिया से अखिलेश चंद्रा की रिपोर्ट: पूर्णिया शहर के हृदय स्थली कहे जाने वाले आरएनसाव चौक पर अवस्थित श्री राम जानकी महावीर मंदिर पूरे जिले में आस्था और धार्मिक आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर पूर्णिया के सबसे प्राचीन और जागृत देवस्थानों में से एक माना जाता है. जिला मुख्यालय के मुख्य चौराहे पर स्थित होने के कारण यहां सुबह से लेकर देर रात तक सनातन धर्मावलंबियों और भक्तों की भारी आवाजाही लगी रहती है.

कोर्ट-कचहरी जाने वाले भक्तों का पहला पड़ाव, दोपहर में भी इंतजार

इस मंदिर की एक अनूठी महिमा यह है कि सिविल कोर्ट या प्रशासनिक दफ्तरों (कचहरी) के काम से जाने वाले अधिकांश लोग सबसे पहले इस हनुमान मंदिर में आकर मत्था टेकते हैं. मान्यता है कि यहां बजरंगबली के दर्शन करने और अपने पक्ष में सकारात्मक परिणाम (रिजल्ट) की प्रार्थना करने के बाद निकलने वाले भक्तों के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं.

यही वजह है कि दोपहर के समय जब भगवान के विश्राम के लिए मंदिर के पट (कपाट) बंद कर दिए जाते हैं, तब भी दूर-दराज से आए श्रद्धालु चिलचिलाती धूप में बाहर बैठकर पट खुलने का शांतिपूर्वक इंतजार करते हैं.

अस्सी के दशक में मिला भव्य स्वरूप, हर मनोकामना होती है पूरी

स्थानीय बुजुर्गों और उपलब्ध ऐतिहासिक जानकारियों के अनुसार, अस्सी के दशक (1980s) में इस मंदिर को एक वृहत और भव्य स्वरूप दिया गया. इससे पहले यह मंदिर चारों तरफ से खुला हुआ था, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी; बाद में धीरे-धीरे इसकी चौहद्दी (बाउंड्री) को घेरकर सुरक्षित और सुंदर बनाया गया.

आरएनसाव चौक स्थित इस पावन मंदिर में मुख्य विग्रह संकटमोचन हनुमान जी का है, लेकिन इसके अलावा यहां प्रभु श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी सहित अन्य देवी-देवताओं की अत्यंत मनोहारी प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठापित हैं. वैसे तो यहां प्रतिदिन सुबह-शाम वैदिक विधि-विधान से पूजन-अनुष्ठान होता है, लेकिन शनिवार और मंगलवार के दिन यहां का नजारा बिल्कुल अलग होता है. इन दो विशेष दिनों में दूर-दराज के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आकर महाआरती में सम्मिलित होते हैं.

सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन से गुंजायमान रहता है वातावरण

श्री राम जानकी महावीर मंदिर में वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं का आज भी पूरी निष्ठा से निर्वाह किया जा रहा है. मंदिर परिसर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है. इस आयोजन में स्थानीय कीर्तन मंडलियों के साथ आम भक्त भी ढोलक, मंजीरा और करताल की थाप पर झूमते नजर आते हैं, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिमय हो जाता है.

इसके अतिरिक्त, हनुमान जन्मोत्सव, रामनवमी और बुढ़वा मंगल (बड़े मंगलवार) जैसे महापर्वों पर यहां विशाल भजन संध्या और भंडारे का भी भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें पूरा पूर्णिया शहर उमड़ पड़ता है.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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