पीएचडी प्रवेश परीक्षा में सुस्ती पड़ी भारी, 80 दिन बाद भी नहीं हुई तैयारी : आखिरकार पैट-2024 निरस्त

पूर्णिया विश्वविद्यालय ने राजभवन की नई व्यवस्था के चलते पीएचडी प्रवेश परीक्षा (पैट-2024) को रद्द कर दिया है. 393 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है, क्योंकि 80 दिनों के प्रयास के बाद भी परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी. जानिए क्या है पूरा मामला.

पूर्णिया से अभिषेक भास्कर की रिपोर्ट

पूर्णिया विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा (पैट-2024) आयोजित कराने में हुई देरी का खामियाजा सैकड़ों अभ्यर्थियों को उठाना पड़ा. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा की तैयारी समय पर पूरी नहीं किए जाने के बीच राजभवन सचिवालय की नई व्यवस्था लागू हो गई, जिसके बाद पैट-2024 को आधिकारिक रूप से निरस्त करना पड़ा. महज 393 अभ्यर्थियों की प्रवेश परीक्षा कराने में भी विश्वविद्यालय करीब 80 दिनों के भीतर कोई ठोस प्रगति नहीं कर सका.

विश्वविद्यालय की ओर से 16 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी में बताया गया था कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार वर्मा को सभी आवेदनों की गहन जांच करने तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरकांत सिंह को कदाचारमुक्त एवं सफल परीक्षा आयोजन की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया था.

80 दिन बाद भी नहीं हो सकी परीक्षा

16 मार्च को निर्देश जारी होने के बाद भी विश्वविद्यालय परीक्षा की तिथि घोषित नहीं कर सका. इस बीच 4 जून 2026 को विश्वविद्यालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर पैट-2024 को निरस्त कर दिया. अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय पर परीक्षा आयोजित कर ली जाती, तो उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता.

राजभवन की नई व्यवस्था बनी कारण

विश्वविद्यालय की 2 जुलाई को हुई सिंडिकेट बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि राजभवन सचिवालय, लोक भवन, पटना की नई व्यवस्था के अनुसार अब पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. नई प्रक्रिया के तहत पीएचडी में प्रवेश राजभवन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाएगा. इसी कारण पैट-2024 को निरस्त किया गया.

दो बार बदली गई प्रवेश प्रक्रिया

पैट-2024 के लिए पहली बार दिसंबर 2024 में 189 सीटों पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे. इसके बाद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए 10 फरवरी 2026 से दोबारा आवेदन लिए गए और इस बार सीटों की संख्या घटाकर 61 कर दी गई. दूसरी बार कुल 393 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था.

अभ्यर्थियों में निराशा

परीक्षा निरस्त होने से अभ्यर्थियों में निराशा है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय यदि समय पर परीक्षा आयोजित करता, तो उन्हें महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ता. अब उन्हें नई प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार करना होगा.

पैट-2024 की प्रमुख बातें

  • दिसंबर 2024 में 189 सीटों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए.
  • 23 दिसंबर 2024 से 25 जनवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए.
  • 10 फरवरी 2026 से संशोधित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन शुरू हुए.
  • दूसरी बार सीटों की संख्या घटाकर 61 कर दी गई.
  • कुल 393 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया.
  • 16 मार्च 2026 को परीक्षा की तैयारी के निर्देश जारी हुए.
  • 4 जून 2026 को पैट-2024 निरस्त करने की घोषणा की गई.
  • 2 जुलाई 2026 को सिंडिकेट बैठक के बाद विश्वविद्यालय ने नई व्यवस्था का हवाला देते हुए स्पष्टीकरण जारी किया.

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Published by: Shruti Kumari

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