पूर्णिया. शहर के थाना चौक स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में हिंदू नववर्ष का त्योहार हर्षोल्लास व श्रद्धा के साथ मनाया गया. इस अवसर पर विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया और एक भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया. यह संचलन विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ होकर रणभूमि मैदान, मधुबनी, पुनेश्वर महादेव मंदिर होते हुए पुनः मधुबनी से हीरो शोरूम मार्ग के रास्ते विद्यालय परिसर तक पहुंचा. इस पथ संचलन में लगभग 800 से अधिक भैया-बहनों ने अनुशासन एवं उत्साह के साथ सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया. पूरे मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक स्वागत किया, जिससे वातावरण में विशेष ऊर्जा का संचार हुआ. इससे पहले कार्यक्रम कीशुरुआत प्रातःकालीन वंदना से हुई. लोक शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह, विद्यालय सचिव वीरेंद्र कुमार मेहता एवं प्रधानाचार्या मेनका कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया. मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई. इस अवसर पर उपस्थित आचार्यगणों एवं अतिथियों ने हिंदू नववर्ष के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला. भैया-बहनों द्वारा भगवान श्रीराम, माता सीता एवं हनुमान जी के स्वरूप में प्रस्तुतियां दी गईं. इस मौके पर प्रदेश सचिव श्री सिंह ने कहा कि हमें अपने जीवन में भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं परंपराओं को अपनाकर समाज के लिए आदर्श स्थापित करना चाहिए. प्रधानाचार्या मेनका कुमारी ने कहा कि हिंदू नववर्ष केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति एवं जीवन मूल्यों का प्रतीक है. उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम, नैतिकता एवं राष्ट्रभक्ति को अपनाने के लिए प्रेरित किया व एक आदर्श नागरिक बनने का संदेश दिया.
हिंदू नववर्ष पर सरस्वती शिशु मंदिर से निकाला गया भव्य पथ संचलन
पूर्णिया
