Prithviraj Chauhan Jayanti: पूर्णिया से अरूण कुमार. पूर्णिया के बाबू वीर कुंवर सिंह स्मारक संघ सभागार में भारत के महान योद्धा सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती धूमधाम से मनाई गई. समारोह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता माधव सिंह ने की. इस दौरान सम्राट पृथ्वीराज चौहान के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
वीरता और राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए माधव सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को याद करने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्र गौरव और वीर परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जीवन युवाओं के लिए साहस और देशभक्ति की प्रेरणा है.
“भारतीय अस्मिता के प्रतीक थे पृथ्वीराज चौहान”
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के सचिव अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान केवल एक राजा नहीं थे, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान और राष्ट्र रक्षा के प्रतीक थे. उन्होंने कहा कि उनका जीवन अन्याय के खिलाफ संघर्ष और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश देता है.
सांस्कृतिक एकता पर भी हुआ जोर
बाबू वीर कुंवर सिंह स्मारक संघ के वरिष्ठ सदस्य दिनकर स्नेही ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक एकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इतिहास के वीर योद्धाओं की गाथाएं समाज को जोड़ने का काम करती हैं.
आयोजन में दिखी बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अमित कुमार सिंह, बबलू कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, दीपक कुमार सिंह, लाल बहादुर सिंह और डॉ. मनोज समेत कई लोगों की सक्रिय भागीदारी रही. समारोह के दौरान पूरे सभागार में राष्ट्रगौरव और वीरता का माहौल बना रहा.
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