GMCH Purnia: पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट. राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल पूर्णिया में हर महीने 50 हजार से अधिक मरीज स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं. सीमांचल, कोसी और पश्चिम बंगाल के अलावा नेपाल, झारखंड और अंग क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए यहां पहुंच रहे हैं. करीब 100 किलोमीटर के दायरे में स्थित यह अस्पताल आज उत्तरी बिहार के सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल हो चुका है. लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के कारण अस्पताल के ओपीडी और वार्डों में काफी भीड़ देखी जा रही है.
हर दिन ओपीडी में उमड़ रही मरीजों की भीड़
जीएमसीएच पूर्णिया में सप्ताह के छह दिन ओपीडी संचालित होती है. यहां प्रतिदिन 800 से लेकर 1000 से अधिक मरीज विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के अलावा प्रसव एवं आपातकालीन सेवाओं में भी लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव और वायरल बीमारियों के कारण भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.
सीमांचल और नेपाल तक के मरीजों का भरोसा
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अब सिर्फ जिले तक सीमित नहीं रह गया है. अररिया, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा और सुपौल समेत सीमांचल और कोसी क्षेत्र के हजारों मरीज यहां इलाज कराने आते हैं. वहीं पश्चिम बंगाल और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से भी मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. बेहतर चिकित्सकीय सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है.
300 बेड वाले अस्पताल पर बढ़ा दबाव
अस्पताल की क्षमता करीब 300 बेड की है, लेकिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से अधिकांश वार्ड भरे हुए हैं. कई वार्डों में बेड फुल रहने की स्थिति बन रही है. इसके बावजूद चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी लगातार मरीजों को बेहतर सेवा देने में जुटे हैं.
1858 से स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र
पूर्णिया लंबे समय से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है. वर्ष 1858 से यह क्षेत्र प्रमुख चिकित्सा इकाई के रूप में जाना जाता रहा है. अब मेडिकल कॉलेज का स्वरूप मिलने के बाद इसकी उपयोगिता और भी बढ़ गई है.
Also Read: बिहार में आधी रात चली तबादला एक्सप्रेस, 54 DSP समेत 34 राजस्व अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट
