पूर्णिया कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पांचवें दिन सोमवार को बिहार राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के प्रशिक्षकों ने भूकंप पर आधारित मॉकड्रिल कराई. इस दौरान स्वयंसेवकों को आपदा की वास्तविक परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
भूकंप की स्थिति से निपटने का कराया अभ्यास
मॉकड्रिल के दौरान प्रशिक्षुओं को भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, टीम भावना के साथ कार्य करने तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया. प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य, अनुशासन और समन्वय के साथ कार्य करने से जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ता है आत्मविश्वास : प्रो. सावित्री
पूर्णिया कॉलेज की प्रधानाचार्या प्रो. डॉ. सावित्री सिंह ने मॉकड्रिल का अवलोकन करते हुए कहा कि इस तरह का व्यावहारिक प्रशिक्षण युवाओं को आपदा के समय त्वरित और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सक्षम बनाता है. उन्होंने कहा कि सेवा, साहस, अनुशासन और मानवता की भावना से प्रेरित स्वयंसेवक किसी भी संकट की घड़ी में समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
स्वयंसेवकों ने निभाई सक्रिय भूमिका
मॉकड्रिल में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कंचन कुमारी, प्रथम इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी सीए राजेश एस. झा सहित प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े सदस्य एवं पूर्णिया जिले के विभिन्न अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों से आए राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और प्रशिक्षुओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई.
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